शहर के करीब रहने वाले 11 गांव के मुखिया की कुर्सी खतरे में पड़ने जा रही है। सबकुछ ठीकठाक रहा तो 19 गांव शहर से जुड़ जाएंगे। शासन का निर्देश मिलते ही नगर पालिका प्रशासन ने सीमा विस्तार से जुड़ी रिपोर्ट भेज दी है। नगर पालिका सीमा विस्तार को लेकर कई वर्ष पहले शासन को रिपोर्ट भेजी गई थी। लेकिन शहर का सीमा विस्तार नहीं हो सका। नगर पालिका से भेजी गई फाइल शासन ने ठंडे बस्ते में डाल दिया था। शासन से हाल ही में नगर निगम व नगर पालिका के सीमा विस्तार से जुड़ी रिपोर्ट तलब की गई। नगर पालिका प्रशासन की ओर से मंगलवार को सीमा विस्तार से जुड़ी फाइल जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को भेज दी।
खास बात यह है कि शहर का सीमा विस्तार होने से 11 गांव के मुखिया की कुर्सी खतरे में पड़ गई है। सीमा विस्तार में शहर से सटे गांवों को शामिल किया जा रहा है। जिसमें दहिलामऊ, कादीपुर, भंगवा, जिरियामऊ, पूरे ईश्वरनाथ, सगरा, करनपुर करमचंदा, जोगापुर, रूपापुर, रंजीतपुर चिलबिला, रूपापुर पूर्णरूप से और गोपालापुर व टेऊंगा गांव आंशिक रूप से शामिल किया जा रहा है। इसके अलावा बेल्हाघाट, सैयाबांध, पूरे नरसिंहभान, बलीपुर पंडित, करनपुर खास, देवकली, सहोदरपुर की सीमा से लगे गांव भी सीमा विस्तार में शामिल किए गए हैं। मंगलवार को नगर पालिका प्रशासन ने जिलाधिकारी को फाइल भेजी जो शासन को भेज दी गई।