म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों के साथ हो रही हिंसा पर जाने पर माइनराटीज वेलफेयर सोसाइटी ने विरोध जताया है। अपनी मांग को लेकर सोसाइटी ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन शुक्रवार को डीएम को सौंपा।
माइनराटीज वेलफेयर सोसाइटी ने रोहिंग्या मुसलमानों के साथ बर्बरता रोकने की मांग की है। साथ ही म्यांमार हुकूमत का निंदा प्रस्ताव पारित किए जाने की मांग की गई। रोहिंग्या मजलूमों को वर्मा की नागरिकता दिलाए जाने के लिए सोसाइटी ने भारत सरकार से अपील की है। उनका कहना है कि रोहिंग्या मजलूमों को भारत में शरण दी जाए। साथ ही संयुक्त राष्ट्र संघ से भी उनकी मदद कराई जाए। इस मौके पर अध्यक्ष मो. ताजदार अहमद, इसरार अहमद, दानिश खान, मो. मुफ्ती, जमीलुर्रहमान, इरफान अली, अबरार अहमद, अब्दुल जब्बार, जफरूल हसन, मो. नसीम, लल्लन, अब्दुल कयूम, इमाम अली, मो. इसहाक, वासिक खान, हफीज, इसराफील मोजूद रहे। वहीं जमीअत-ए-उलामा ने भी रोहिंग्या मुसलमानों से हिंसा पर नाराजगी जताई है। उलामा ने डीएम के माध्यम से म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों पर होने वाले जुल्म व बर्बरता के खिलाफ गृह मंत्री, संयुक्त राष्ट्र व म्यांमार एंबेंसी नई दिल्ली के एंबेसडर को संबोधित ज्ञापन दिया। इस मौके पर मो. फारूक कासमी, मौलाना असरार अहमद, फख्रूज्जमा कासमी, मो. इसलाम, जावेद अख्तर, मो. नसीम, डॉ. अब्दुल रशीद अंसारी, हिमायत उल्ला, मो. इसहाक, मो. रफीक, मो. अबरार, मो. उमर मौजूद रहे।