लालगंज तहसील गेट पर वकीलों ने ताला जड़ दिया।
अधिवक्ता हत्याकांड का खुलासा कर पाने में नाकाम रहे पुलिस प्रशासन ने अधिवक्ताओं के आक्रोश से बचने के लिए तहसील दिवस की जगह बदल दी। तहसील सभागार की जगह ब्लाक सभागार में संपन्न हुए तहसील दिवस में भी अधिवक्ता पहुंच गए और जमकर हंगामा काटा। ब्लाक सभागार में प्रशासन के विरुद्ध अधिवक्ता के नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ जाने से तहसील दिवस करीब घंटे भर बाधित रहा।
लालगंज में मंगलवार को तहसील दिवस का आयोजन होना था, लेकिन अधिवक्ता धनन्जय मिश्रा हत्याकांड का दस दिन बाद भी खुलासा नहीं होने पर भड़के साथियाें के आक्रोश व धमकी के बाद बैक फुट पर आए पुलिस प्रशासन को तहसील दिवस की जगह बदलनी पड़ गई। मंगलवार को होने वाले तहसील दिवस को नहीं होने देने अधिवक्ताआें ने एलान किया था। तहसील के दोनों प्रवेश द्वारों को अधिवक्ताओं ने बंद करा दिया। काफी देर इंतजार के बाद भी जब तहसील के अफसर व कर्मचारी नहीं पहुंचे तो अधिवक्ताआें ने पता लगाना शुरू किया। उनको जैसे ही मालूम हुआ कि प्रशासन ने तहसील दिवस का आयोजन ब्लाक सभागार में कराया है, आक्रोश और बढ़ गया। संयुक्त अधिवक्ता संघ के तत्वावधान में काली पट्टी बांधे अधिवक्ता नारेबाजी करते हुए पैदल ही ब्लाक मुख्यालय की ओर रवाना हो गए। अफसराें की मानमनौवल के बाद अधिवक्ता वापस लौटे तब जाकर तहसील दिवस प्रांरभ हो सका। इस मौके पर संघ के अध्यक्ष देवी प्रसाद मिश्रा, संदीप सिंह, सुरेंद्र सिंह, ज्ञान प्रकाश शुक्ल, अजय शुक्ल, राव वीरेंद्र सिंह, दिनेश मिश्रा, विकास मिश्रा, राकेश शुक्ल, टीपी यादव, रामलगन यादव, संजय सिंह, शैलेंद्र सिंह, प्रमोद सिंह आदि रहे।