केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ शुक्रवार को वामपंथी दलों ने हुंकार भरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर संघ के एजेंडे पर कार्य करने का आरोप लगाया। कचहरी में शुक्रवार को भाकपा, मार्क्सवादी पार्टी (माले), एसयूसीआई कम्युनिस्ट ने केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाई। संचालन कर रहे रामबरन सिंह ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के एजेंडे पर कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने चुनाव के समय जो वादा किया था, उसमें से एक भी अभी तक पूरा नहीं किया है। धरना- प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे लालबहादुर तिवारी ने कालाधन वापस लाने, दवाओं के दाम में कमी करने, खेतिहर किसानों, मजदूरों और दस्तकारों को तीन हजार रुपये मासिक पेंशन देने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने भूमि अधिग्रहण कानून में छेड़छाड़ बंद करने, रेल, रक्षा और बीमा में एफडीआई बंद करने की मांग की है। कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित दस सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। इस मौके पर पुष्पेंद्र विश्वकर्मा, काली प्रसाद, रामलखन बागी, आशुतोष शुक्ल, अभिषेक तिवारी, शेषनाथ तिवारी, निर्भय सिंह, राजमणि, हरिशंकर मौर्य, रमाशंकर मिश्र, अवधेश सिंह आदि मौजूद रहे।