इस बार ठंड ने रिकार्ड तोड़ना शुरू कर दिया है। फिलहाल पिछले वर्ष का 12 दिसंबर तक का रिकार्ड टूट चुका है। इस वर्ष दिसम्बर माह में सुबह और शाम के तापमान में करीब चार गुना का अंतर है। मौसम विज्ञानी हवा का रुख बदलने का अनुमान लगा रहे हैं। अनुमान सही निकला तो अगले दो तीन दिन में गलन बढ़ सकती है।
तापमान का पारा पिछले वर्ष दिसंबर की तुलना में इस बार कुछ ज्यादा ही लुढ़का है। ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि दो दिन पहले तक पश्चिम और उत्तर दोनों तरह से हवा चल रही थी। मौसम विज्ञानी देशराज मीना कहते हैं कि दो दिन से उत्तरी हवा की चाल बदल गई। मौजूदा समय में पश्चिम और दक्षिण से हवा चल रही है। ऐसी स्थिति में अगर उत्तर से हवाएं आईं तो गलन बढ़ना तय है। जिला अस्पताल के डॉ. आरडी द्विवेदी कहते हैं कि मौसम में तेजी से बदलाव को लोग समझ नहीं पा रहे हैं। यही कारण है कि लोग सर्दी, खांसी, सीने में जकड़न, बुखार, सिर दर्द जैसी बीमारियों की गिरफ्त में तेजी से आ रहे हैं।