सर्राफा व्यापारियों और व्यापार मंडल के संयुक्त आह्वान पर सोमवार को महाबंदी का मिलाजुला असर रहा। पंजाबी मार्केट और चौक बजाजा में दोपहर तक दुकानेें पूरी तरह बंद रहीं, जबकि शहर के अन्य हिस्सों में जुलूस देखकर व्यापारी दुकान बंद करते और आगे बढ़ते ही शटर उठाकर काम शुरू कर देते थे। सराफा एवं रेडीमेड व्यवसाइयों पर एक प्रतिशत उत्पाद शुल्क लगाए जाने से नाराज व्यापारियों ने सोमवार को महाबंदी का आह्वान किया था। सुबह जुलूस की शक्ल में निकले व्यवसाइयों ने भ्रमणकर दुकानों को बंद कराया। पंजाबी मार्केट और चौक बजाजा में दुकानें पूरी तरह बंद रहीं। जबकि शहर के अन्य इलाकों में बंदी सामान्य रही। जुलूस निकाल रहे व्यापारी जिधर से गुजरते, दुकानदार शटर डाउन कर उनके आन्दोलन में शामिल हो जाते।
जैसे ही जुलूस आगे बढ़ता वह शटर उठाकर कामकाज करना प्रारंभ कर देते थे। हालांकि जुलूस में चल रहे कुछ व्यापारी जबरन बंदी के खिलाफ थे। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष रमेश कुमार मोदनवाल व्यापारियों से स्वत: दुकानें बंद करने का आह्वान कर रहे थे। व्यापारियों और सराफा व्यवसाइयों ने वित्त मंत्री को संबोधित डीएम को सौंपे ज्ञापन में अविलंब उत्पाद शुल्क वापस लेने की मांग की है। इस मौके पर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के अध्यक्ष मंजीत सिंह छाबड़ा, राजेंद्र कुमार केसरवानी, अमित कुमार, अशोक कुमार सिंह, श्यामलाल जायसवाल, सतीशचंद्र केसरवानी, उमाप्रकाश अग्रहरि, आशीष सिंह, प्रदीप सोनी, रामप्रकाश सोनी, विजय कुमार, सुरेश कुमार सोनी, विनोद अग्रवाल आदि मौजूद रहे।