कुंडा। बालि वध मेले में दोपहर में हुई कुश्ती में पंचमहुआ के धर्मराज ने बाजी मारी। इस दौरान भारी संख्या में लोगों का हुजूम मौजूद रहा। देर शाम झांकियों के प्रदर्शन के साथ ही बालि का वध भगवान राम ने किया। इसके बाद आरती पूजन के साथ ही मेले का समापन हुआ।
मानिकपुर के मिलेट्री ग्राउंड में कई साल से बालि वध मेले का आयोजन होता है। शुक्रवार से शुरू हुए बालि वध मेले में शनिवार दोपहर कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इसमें अंतिम कुश्ती धर्मराज पंचमहुआ और रवींद्र राय रायबरेली के बीच हुई। कुश्ती के दौरान दोनों तरफ से दांव चलाए। बावजूद इसके धर्मराज ने रायबरेली के पहलवान को चित कर दिया। इससे पूरा मेला मैदान तालियों से गूंज उठा। विजेता पहलवान को शील्ड देकर सम्मानित किया गया। देर शाम फिर से झाकिंयों का प्रदर्शन शुरू हुआ। इसके बाद मेला स्थल पर बालि का वध भगवान राम ने किया। बालि वध का शानदार मंचन देख लोगों ने जमकर तालियां बजाईं।
इसके बाद भगवान राम की आरती उतारी गई और पूजन किया गया। इसी के साथ ही दो दिवसीय मेले का समापन भी किया गया। मेला प्रबंधन ने इस दौरान तमाम कार्यकर्ताओं के साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया। इस दौरान कार्यक्रम में पंकज वर्मा, फूलचंद्र पांडेय, राम प्रताप पांडेय, राजाराम सोनकर, गया प्रसाद पांडेय, लालजी मिश्र, श्यामलाल वर्मा, रोशनलाल, रामदुलारे आदि लोग मौजूद रहे।