निजी बसें और डग्गामार वाहन परिवहन निगम को हर माह करीब 30 लाख रुपये की चपत लगा रहे हैं। रोडवेज बसों के रंग में रंगीं निजी बसों से यात्रियों को सफर करना पड़ रहा है। इसका खमियाजा परिवहन निगम को भुगतान पड़ रहा है। कई निजी बसें और डग्गामार वाहन बिना परमिट और फिटनेस के सड़कों पर दौड़ रहे हैं लेकिन परिवहन विभाग अनजान है।
शहर के सिविल लाइंस स्थित रोडवेज डिपो परिसर के पास ही लालगंज के लिए डग्गामार वाहनों का जमावड़ा रहता है। वहीं, शहर के सदर बाजार में भी सुल्तानपुर जाने वाले डग्गामार वाहनों और निजी बसों की कतार रहती है। यही हाल भंगवाचुंगी चौराहे का भी है। इससे निगम को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। जबकि निगम 20 फीसदी कम किराये के साथ जनता बस सेवा का संचालन कर रहा है।
रोडवेज बसों के रंग में रंगीं बसें डिपो का भ्रमण कर प्रयागराज की सवारियां लेकर फुर्र हो जाती हैं। एआरएम सत्यप्रकाश ने बताया कि डिपो के पास खड़े होने वाले वाहनों को हटाने के लिए परिवहन विभाग को पत्र लिखा गया है।
जाम का भी बन रहे कारण
डिपो के पास सड़क किनारे बेतरतीब खड़े होने वाले वाहनों के चलते जाम लगता है लेकिन ड्यूटी पर तैनात यातायात पुलिस कर्मी उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करते हैं। सीओ यातायात अनिल कुमार ने बताया कि जाम का कारण बनने वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वर्जन
बिना परमिट संचालित हो रहे वाहनों को 30 मार्च तक शुल्क जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। निगम की बसों के रंग की बसों का संचालन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. दिलीप गुप्ता, एआरटीओ