खरीफ सीजन में उर्वरक की समस्या रोकने के लिए प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। खाद भंडारण पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने निजी दुकानदारों को फार्मर आईडी वाले किसानों को ही उर्वरक बेचने का आदेश दिया है। इसमें लापरवाही मिलने पर कृषि विभाग ने दुकानों का लाइसेंस निरस्त करने की चेतावनी दी है।
जिले में 4.89 लाख किसानों की फार्मर आईडी 30 अप्रैल तक तैयार की जानी है। पांच तहसीलों में 4.06 किसानों की फार्मर आईडी जनरेट की जा चुकी है। शासन ने फार्मर आईडी वाले किसानों को ही योजनाओं का लाभ दिए जाने का निर्देश दिया है।
जनपद में पंजीकृत 650 दुकानदारों को फार्मर आईडी वाले किसानों को ही खाद बेचने का निर्देश दिया गया है।
खाद बिक्री के समय किसानों की खतौनी की भी जांच की जाएगी। खतौनी के आधार पर ही किसानों को खाद मिलेगी। प्रतिदिन कृषि विभाग निजी दुकानों पर हो रही खाद बिक्री की मॉनिटरिंग कर रहा है। यह आदेश 170 साधन सहकारी समिति पर भी लागू है।
1.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में होगी धान की खेती : जिले के 1.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल पर धान की खेती की जाएगी। मई के अंत से धान रोपाई के लिए खेत तैयार होने लगेंगे। फिलहाल अभी किसान दलहनी फसलों के लिए खाद की खरीदारी कर रहे हैं। खाद की नई रेक प्रयागराज और जौनपुर से जिले को प्राप्त हुई है।