पिता की हत्या के आरोप में जेल की सजा काट रहे बंदी विनोद शुक्ला की शुक्रवार को कारागार में तबीयत बिगड़ गई। मेडिकल कॉलेज पहुंचने से पहले ही बंदी ने रास्ते में दम तोड़ दिया। मजिस्ट्रेट की निगरानी में शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
अंतू थाना क्षेत्र के शुकुलपुर निवासी जगदंबा शुक्ला के तीन बेटे संतोष, विनोद और अरूण हैं। दूसरा बेटा विनोद (35) निजी वाहन चालक था। 23 सितंबर 2023 को जमीन को लेकर हुए विवाद पर विनोद ने पिता की हत्या कर दी थी। जगदंबा की बड़ी बहू की तहरीर पर पुलिस ने विनोद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
करीब ढाई साल से वह जेल में सजा काट रहा था। करीब एक माह पहले आरोपी विनोद ने हाईकोर्ट में जमानत के लिए दया याचिका दायर की थी। हालांकि हाईकोर्ट दया याचिका को निरस्त कर दिया था। शुक्रवार को जेल में अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। आनन-फानन में जेल पुलिस उसे लेकर मेडिकल कॉलेज रवाना हुई, लेकिन रास्ते में ही विनोद ने दम तोड़ दिया।
पति की मौत की सूचना मिलने पर पत्नी निशा छोटे बेटे प्रीतम व परिजनों के साथ मेडिकल कॉलेज रोते बिलखते हुए पहुंच गई। बड़ा बेटा राज परदेस में प्राइवेट नौकरी करता है। मामले की जानकारी जेल प्रशासन ने एसडीएम सदर को दी। एसडीएम के आदेश पर तहसीलदार मेडिकल कॉलेज पहुंचे। तहसीलदार अनिल कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण पता चल सकेगा।
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परिजनों को मारपीट की आशंका
पत्नी निशा ने तहसीलदार के सामने पति के साथ मारपीट होने की आशंका जताई। कहा कि जेल में किसी से मारपीट होने के कारण ही चोट लगी है। जिससे उनकी मौत हो गई। हालांकि तहसीलदार ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जांच का आश्वासन परिजनों को दिया।
रेलवे फाटक बंद होने से उपचार में हुई देरी
जिला कारागार में बंदी विनोद की तबीयत बिगड़ने पर जेल पुलिस उसे लेकर मेडिकल कॉलेज रवाना हुई, लेकिन जेल रोड क्राॅसिंग से मालगाड़ी गुजरने के कारण रेलवे फाटक करीब 15 मिनट तक बंद रहा। इसके कारण बंदी को मेडिकल कॉलेज पहुंचने में देरी हुई। मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों के अनुसार बंदी की रास्ते में ही मौत हो चुकी थी।
बंदी की स्वाभाविक मौत हुई है। कारागार में किसी से कोई मारपीट नहीं हुई थी। सीने में दर्द होने पर विनोद को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया था।
ऋषभ द्विवेदी, जेल अधीक्षक