मेडिकल कॉलेज को प्राचार्य तो मिल गए, लेकिन अभी तक एक्सरे फिल्म नहीं आई। इससे मरीजों को मोबाइल में एक्सरे की फोटो लेकर चिकित्सक के पास इलाज कराने जाना पड़ रहा है।
बीते डेढ़ माह से मेडिकल काॅलेज में इलाज कराने आने वाले मरीजों से एक्सरे जांच के लिए 70 रुपये शुल्क लिया जा रहा है लेकिन उन्हें एक्सरे फिल्म नहीं दी जा रही है। मोबाइल पर एक्सरे की फोटो खींचकर मरीज चिकित्सकों को दिखा रहे हैं। प्राचार्य की तैनाती न होने के कारण एक्सरे फिल्म की खरीद न होने का हवाला दिया जा रहा था।
प्राचार्य ने कार्यभार ग्रहण कर लिया मगर एक्सरे फिल्म की खरीद नहीं हो सकी। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि बैंक बंद होने के कारण दिक्कतें आईं। जल्द ही एक्सरे फिल्म, दवा सहित अस्पताल के अन्य सामानों की खरीद की जाएगी। एक माह के अंदर मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।