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Pratapgarh News: कृषि यंत्र, खाद-बीज के डेढ़ गुना बढ़े दाम, कैसे दोगुनी हो आमदनी

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सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने का दावा किया था लेकिन बीते पांच सालों में बीज, खाद और कृषि यंत्रों के दामों में डेढ़ गुना तक इजाफा हुआ है। ऐसे में किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में 4.23 लाख पंजीकृत किसान हैं। सरकार आधुनिक कृषि यंत्रों पर 40 से 50 फीसदी तक सब्सिडी देती है।
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बीते साल ई-लॉटरी के जरिये 354 किसानों को ही कृषि यंत्रों पर सब्सिडी दी गई। डीएपी-यूरिया, धान, गेहूं के बीजों की कीमत करीब डेढ़ गुना तक बढ़ गई। गेहूं-धान के बीज 100 से 150 प्रतिकिग्रा तो डीएपी 14 सौ रुपये प्रति बोरी मिल रही है। नहरें सूखने के कारण किसानों को सिंचाई के लिए सबमर्सिबल पर आश्रित रहना पड़ता है। जिससे खेती की लागत अधिक हो गई है।
खाद, बीज और पानी पर खर्च हो रहे रुपये
पट्टी के सर्वजीतपुर निवासी यमुना तिवारी ने बताया कि दो महीने पहले नया ट्रैक्टर करीब सात लाख रुपये में खरीदा। कृषि विभाग से कृषि यंत्रों के संबंध में जानकारी ली तो पता चला कि पंजीयन के बाद ई-लॉटरी में चयनित होने पर सिर्फ आधुनिक कृषि यंत्रों पर ही सब्सिडी मिलती है। डीएपी एवं बीज के दाम बीते पांच साल में डेढ़ गुना तक बढ़ गए हैं, ऐसे में किसानों की आय कैसे दोगुनी होगी।
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सांगीपुर ब्लॉक के गोड़वा निवासी सतीश ने बताया कि खाद, बीज व पानी के लिए किसानों को अधिक धनराशि खर्च करनी पड़ती है लेकिन लागत से अधिक लाभ नहीं हो पाता है।
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बोले अफसर
पंजीकृत किसानों के लिए कृषि उपकरणों पर 40 से 50 फीसदी तक छूट दी जाती है। लक्ष्य के मुताबिक ई-लॉटरी से किसानों का चयन होता है।
अशोक कुमार, जिला कृषि अधिकारी
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