शहर से सटे पूरे केशव राय में लगभग बनकर तैयार ट्रामा सेंटर को उद्घाटन से पहले ढहाने की तैयारी शुरू हो गई है। इससे शासन के करोड़ों रुपये बर्बाद हो सकते हैं। दरअसल, ट्रामा सेंटर बाईपास के लिए अधिग्रहीत की गई जमीन में आ रहा है। इसके लिए विभागीय लिखापढ़ी की जा रही है।
चार साल पहले शासन ने सदर के पूरे केशव राय गांव में ट्रामासेंटर निर्माण के लिए मंजूरी दी थी। कार्यदायी संस्था को दो करोड़ 14 लाख रुपये का बजट भी पास कर दिया था। ट्रामा सेंटर करीब-करीब बनकर तैयार हो गया है। लाइटिंग का कुछ काम बचा हुआ है। जिसके लिए कार्यदायी संस्था ने शासन से पुन: बजट की मांग की है। उधर, पूर्व सांसद हरिवंश सिंह ने शहर में जाम की स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार से बाईपास स्वीकृत कराया था।
शासन की ओर से आदेश मिलते ही जिला प्रशासन ने भी बाईपास निर्माण में तेजी लाना शुरू कर दिया। बाईपास निर्माण में जिन किसानों की भूमि चिह्नित हुई थी, उन्हें मुआवजा भी दिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि बाईपास के लिए चिह्नित की गई जमीन में ही ट्रामा सेंटर भी आ रहा है।
ऐसे में ट्रामासेंटर को तोडने के बाद ही बाईपास का निर्माण संभव है। इसके लिए सीएमओ के साथ लिखापढ़ी की जा रही है। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य के पास भी पत्र भेजा गया है। यदि ट्रामा सेंटर टूटता है तो शासन के दो करोड़ 14 लाख रुपये बर्बाद हो जांएगे।
जिस रास्ते से बाईपास निकाला जा रहा है ठीक उसी पर ट्रामासेंटर पड़ रहा है। गिरेगा या बचेगा हमें अभी इस तरह की जानकारी नहीं है। इतना जरूर है कि ट्रामा सेंटर बनकर तैयार हो गया है। इन सब के चलते हैंडओवर अभी नहीं हो रहा है।
आरएन यादव, जेई, स्वास्थ्य विभाग
ट्रामा सेंटर को गिराने को लेकर जरूर चर्चा हो रही थी। हमने इनकार कर दिया। ट्रामासेंटर के बगल से बाईपास निकाला जाएगा। या फिर जैसा शासन आदेश करेगा, उसका पालन किया जाएगा। हम अभी इस पर बहुत कुछ बोल नहीं सकते हैं।
डॉक्टर अरविंद कुमार श्रीवास्तव, सीएमओ।