ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए राहतभरी खबर है। बिजली व्यवस्था सुदृढ़ बनाने के लिए जिले में 19 नए उपकेंद्रों का निर्माण होगा। पुर्नोत्थान वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के तहत उन गांवों की सूची तैयार कर ली गई है, जहां ये उपकेंद्र बनाए जाएंगे। विभागीय टीम द्वारा कागजी औपचारिकता पूर्ण की जा रही है। सबकुछ ठीक- ठाक रहा तो जल्द ही जिले की बिजली व्यवस्था में बड़ा बदलाव दिखेगा।
ग्रामीण उपभोक्ताओं को शहर की तरह बिजली देने की तैयारी है। इसके लिए पुर्नोत्थान वितरण योजना (आरडीएसएस) की शुरुआत की गई है। इसके तहत गांव एवं शहर की बिजली का रोस्टर एक होगा। यानि गांवों में भी 24 घंटे बिजली देने की तैयारी है। जिले की बिजली व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी। इसके तहत नए उपकेंद्र, फीडर, तारों का मकड़जाल खत्म करने के साथ ही नई लाइनें तैयार की जानी हैं। विभागीय टीम ने योजना के तहत सर्वे शुरू कर दिया है। 19 नए उपकेंद्रों के निर्माण का खाका तैयार किया गया है। रानीगंज, लालगंज, कुंडा व सदर सहित सभी डिवीजनों में इन उपकेद्रों का निर्माण किया जाएगा।
विभाग ने उपकेंद्रों के निर्माण के लिए पूरे ईश्वरनाथ, जोगीपुर, रामगंज ढकवा, हरिपुर बरदैता, उडैयाडीह, गरीबपुर डरेवा, मनगढ़, मांधाता, पंचमहुआ, कटैया नेवादा, रामनगर, भोजपुर, लालगंज ग्रामीण, उमरार, महकनी, खुजी, कूराडीह सहित 19 गांवों में जमीन चिह्नित की है। दरअसल, इन गांवों के परिक्षेत्र में जिन उपकेंद्रों के जरिये आपूर्ति की जाती है, उन उपकेंद्रों पर लोड अधिक है। खपत के अनुरूप क्षमता कम होने से आपूर्ति व्यवस्था में दिक्कत बनी रहती है। कभी फीडर फुंकता है तो कभी पैनल। विभाग का मानना है कि इन उपकेंद्रों के बनने से आपूर्ति व्यवस्था में काफी सुधार होगा। अधीक्षण अभियंता सत्यदेव ने बताया कि विभागीय टीमें रिपोर्ट तैयार कर रही हैं। उपकेंद्रों की सूची तैयार की जा रही है। इसके बाद डीपीआर तैयार होगी और काम शुरू करा दिया जाएगा।