ग्रामीण इलाकों में घनी बस्तियों के बीच अब बिजली के खुले तार नजर नहीं आएंगे। लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए बिजली विभाग ने अब एरियल बंच कंडक्टर (एबीसी) लगाने का फैसला लिया है। कई जगहों पर काम शुरू भी हो गया है। इससे कटियामारी पर भी लगाम लगेगी, वहीं हादसे भी कम होंगे।
जिले को रोशन करने के लिए विद्युत विभाग द्वारा विद्युतीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों को नि:शुल्क कनेक्शन देकर उनके घरों को रोशन करने के लिए सुगम विद्युत येाजना का भी संचालन किया गया है। इसके तहत मजरों में तीन कनेक्शन होने पर वहां एक पोल के माध्यम से बिजली आपूर्ति करने की पहल चल रही है। अब तक विभाग द्वारा गांव-गांव, मजरों व बस्तियों में तार लगाकर आपूर्ति की जा रही थी। घनी बस्तियों में व सड़कों के किनारे खुले विद्युत तार लगाए जाने से हादसों का खतरा बना रहता है। कई बार बड़ी घटनाएं भी हो चुकी हैं। इसके अलावा गांवों में खुले तारों के चलते कटियामार से बिजली का उपयोग भी खूब होता है। अब विद्युत विभाग ने खुले तारों से विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था बंद करने की पहल शुरू कर दी है।
विभाग योजना के अंतर्गत अब एरियल बंच कंडक्टर (एबीसी) से बिजली आपूर्ति कर रहा है। एबीसी से खंभों में खुले तार नहीं दिखेंगे। खंभों पर मोटा केबिल लगाया जाएगा। खंभों पर बाक्स लगाकर कनेक्शन दिया जाएगा। इससे कटियामारी भी नहीं होगी। विभागीय अधिकारियों की मानें तो कई गांवों एवं घनी बस्तियों में खुले तारों को पोल से उतार कर एबीसी से विद्युत आपूर्ति शुरू हो गई है। वहीं जिन गांवों व मजरों में विद्युतीकरण कार्य चल रहा है उन स्थानों पर कार्य किए जा रहे हैं। ऐसे में अब काफी हद तक ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली समस्या से निजात मिलेगी। एक्सईएन प्रथम सत्यप्रकाश मिश्र ने बताया कि 12वीं योजना के तहत कई गांवों में विद्युतीकरण कार्य चल रहा है। जहां एबीसी से बिजली सप्लाई की जाएगी। वहीं अब गांवों व घनी बस्तियों में विद्युतीकरण कार्य भी इसी व्यवस्था से किया जाएगा। इससे काफी हद तक कटियामारी व लोकल फाल्ट से निजात मिलेगी।