प्रयागराज के थरवई 40 नंबर गुमटी मोहल्ले में बुधवार को दरोगा के बेटे पंकज यादव की गोली मारकर हत्या करने के आरोपी झोलाछाप रोहित यादव की तलाश में प्रयागराज पुलिस ने रात में रामापुर स्थित उसके घर दबिश दी। तलाशी के बाद उसकी मां व बहन को अपने साथ ले गई।
दबिश के दौरान घर पर कोई भी पुरुष मौजूद नहीं था। ग्रामीणों के अनुसार तीन वाहनों से पहुंचे पुलिसकर्मी पहुंचे थे। अब आरोपी के घर ताला लटक रहा है। गांव में इस बात की भी चर्चा है कि शाम को रोहित के दुर्घटना में घायल होने की सूचना पूर्व प्रधान के पास आई थी। इसके बाद परिजन प्रयागराज के लिए निकले लेकिन लौटे नहीं।
फतनपुर थानाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि प्रयागराज पुलिस ने दबिश तो दिया था, किसे पकड़कर ले गई। यह जानकारी में नहीं है।
झोलाछाप पिता के काम करते बन बैठा डॉक्टर
रोहित थरवई में अपने पिता झोलाछाप अमरनाथ के साथ मरीजों को दवा देने में हाथ बंटाता था। फिर मरीजों को इंजेक्शन लगाने से लेकर दवा देने लगा था। कुछ दिनों तक प्रयागराज में किसी प्राइवेट अस्पताल में भी काम किया। इधर, झोलाछाप अमरनाथ के खिलाफ लोगों की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की तो कुछ दिनों तक क्लीनिक बंद हो गई। बाद में रोहित उसे जनकल्याण चिकित्सालय के नाम से संचालित करने लगा।
मामूली विवाद में गाजी की बाग में युवक को मारी थी गोली
विवादों के चलते ही थरवई को बनाया ठिकाना
गौरा। रोहित आपराधिक प्रवृत्ति का है। तीन साल पहले उसने रानीगंज के गाजी की बाग में मामूली विवाद में युवक को गोली मार दी थी। इसके अलावा रोहित ने होमगार्ड रविंद्र यादव और डॉक्टर एसएम यादव को भी सरेआम पीटा था।
उसके खिलाफ रानीगंज व फतनपुर में पांच मुकदमे दर्ज हैं। पहला मुकदमा वर्ष 2017 में दर्ज हुआ था। वह कब, किससे विवाद कर ले। इसका कोई पता नहीं।
मारपीट व विवाद के मामले बढ़ने लगे तो उसने प्रयागराज जाकर क्लीनिक खोल ली। रामापुर समेत आसपास के लोगों को एसआरएन में डॉक्टर की नौकरी करने की बात बताता था। इतना ही नहीं, दूसरों को नौकरी दिलाने का दावा भी करता था। उसकी मानधाता के हैंसी में शादी हुई है। संवाद
मां लड़ चुकी है प्रधानी का चुनाव
रोहित की मां सोना देवी रामापुर से प्रधान पद पर चुनाव लड़ चुकी हैं। वह पांच भाई है। बड़ा भाई मुलायम यादव बहरिया ससुराल में रहता है। दूसरे नंबर का भाई जौनपुर में कृषि रक्षा इकाई में कार्यरत है। दो छोटे भाई मान सिंह और सुरजीत सिंह घर पर ही रहकर शटरिंग का काम करते हैं।