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Prayagraj: अब जीएसटी के नेट टैक्स पर ही देना होगा ब्याज, जानें सरकार नेे क्या बदलाव किए?

Thu, 27 Aug 2020 09:43 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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prayagraj news - फोटो : prayagraj
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कांफेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की मांग पर सरकार ने जीएसटी के अंतर्गत ब्याज लेने के तरीके में बदलाव कर दिया है। इस संबंध में एक अध्यादेश के माध्यम से फाइनेंस एक्ट 2019 की धारा 1 की उपधारा 2 में प्रदत्त अधिकार  का प्रयोग करते हुए यह बदलाव किया गया। 
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कैट के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र गोयल ने बताया कि जीएसटी की केंद्रीय वास्तु एवं सेवा कर की धारा 50 की उपधारा (1) के अनुसार अभी तक लेट रिटर्न जमा करने पर व्यापारी से ग्रॉस टैक्स पर 18 प्रतिशत की दर से ब्याज मांगा जाता था। यह सर्वथा अनुचित था। यह मामला जीएसटी की लॉ रिव्यु कमिटी के सदस्य एवं कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने जोर शोर से उठाया।

उन्होंने  ग्रॉस टैक्स की जगह नेट टैक्स लिए जाने को कहा था। इस पर 2018 में जीएसटी कौंसिल ने सैद्धांतिक रूप से सहमति दे थी किंतु नोटिफिकेशन न जारी होने से व्यापारियों को कोई राहत नहीं मिल पा रही थी। कैट प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि अध्यादेश के माध्यम से इसमें संशोधन करते हुए नेट टैक्स पर ब्याज लेने का आदेश जारी कर दिया गया है। यह एक सितंबर 2020 से लागू होगा।
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कैट प्रयाग के महामंत्री अजय अग्रवाल ने कहा कि पूर्व में सभी व्यापारियों पर ब्याज की मांग बनती थी। किंतु इस बदलाव से केवल उन्हीं व्यापारियों से ब्याज की मांग की जाएगी, जिन पर टैक्स की देनदारी बनती है। विभु अग्रवाल ने कहा कि यद्यपि इस 1 जुलाई 2017 से लागू किया जाना चाहिए पर फिर भी यह निर्णय स्वागत योग्य है।

वहीं दूसरी ओर नेट टैक्स पर ब्याज निर्धारित करने के नोटिफिकेशन के उपरांत कैट के राष्ट्रीय नेतृत्व ने सरकार के सामने मांग रखी कि पूर्व के ऐसे व्यापारी जिन्होंने लेट रिटर्न फाइल किया था, उनको भी इससे छूट दी जाए। इस पर सरकार ने आज एक प्रेस रिलीज के माध्यम से स्पष्ट किया है कि जीएसटी काउंसिल की मीटिंग की मंशा के अनुरूप पूर्व की रिकवरी नहीं की जाएगी और व्यापारी को पूर्ण रूप से राहत प्रदान की जाएगी ।
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