जिले के बेरोजगारों ने रोजगार की आस के लिए जिला सेवायोजन कार्यालय में पंजीकरण कराया था, लेकिन पांच वर्ष से किसी भी बेरोजगार युवक को इस विभाग की ओर से रोजगार नहीं दिलाया जा सका। ऐसे में इस विभाग से बेरोजगारों का मोहभंग होता जा रहा है।
जिला सेवायोजन कार्यालय में मौजूदा समय में 1 लाख 96 हजार 597 बेरोजगार लोगों ने नौकरी की आस में अपना पंजीकरण कराया है। बीते वर्षों में किसी भी विभाग में खाली पदों के लिए भर्ती निकलती थी तो सेवायोजन कार्यालय को पहले जानकारी दी जाती थी। इस कार्यालय में पजीयंन कराने वाले लोगों को विभाग की ओर से नौकरी देने के लिए पत्र भेजा जाता था और परीक्षा पास करने वाले लोगों को ही नौकरी मिलती थी। अब हालत यह है कि इस कार्यालय में खुद ही कई पद खाली पड़े हैं। पंजीकरण कराने वाले लोगों को विभाग की ओर से नौकरी के नाम पर कोई भी न तो पत्र भेजा जा रहा है और न ही नौकरी दी जा रही है।
जिला सेवायोजन अधिकारी की बातों पर गौर किया जाए तो विभाग की ओर से करीब पांच वर्षों से किसी भी बेरोजगारों को नौकरी नहीं मिली है। प्राइवेट कंपनिया भी इस कार्यालय में पंजीकरण कराने वाले लोगों को नौकरी देने में कोई रुचि नहीं दिखाती हैं। सपा सरकार आते ही बेरोजगारों को भत्ता मिलने लगा। ऐसे में लोगों ने पुलिस की लाठियां खा-खा कर अपना पंजीकरण कराया, मगर कुछ लोगों को बेरोजगारी भत्ता भी नहीं मिल सका। नौकरी तो दूर की बात है। इससे अब लोगों का दिल इस विभाग की ओर से टूटता जा रहा है।