सांसद हरिवंश सिंह की वादाखिलाफी पर रविवार को दूरदराज से आए नि:शक्त भड़क उठे। आक्रोशित लोग सांसद के विरोध में नारेबाजी करते हुए हंगामा करने लगे। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह उन्हें समझाकर शांत कराया।
सांसद हरिवंश सिंह ने 24 मई को जनपद के नि:शक्तों को ट्राईसाइकिल, वैशाखी समेत दूसरे उपकरण देने के लिए बुलाया था। इसके लिए पहले ही सभी का पंजीकरण हुआ था। तय समय पर रविवार को सैकड़ों की संख्या में लोग राजकीय इंटर कालेज पहुंचे। कालेज परिसर में कोई इंतजाम नहीं किया गया था। इस पर कीना का पुरवा से गोपाल वर्मा, मानधाता से सूफिया बेगम, पृथ्वीगंज से रोहित सिंह समेत अन्य स्थानों से आए नि:शक्त भड़क उठे। उन्होंने चौक-कचहरी मार्ग पर सांसद के विरोध में नारेबाजी करते हुए जाम लगा दिया। इससे दोनों ओर वाहनों का जमावड़ा लगने लगा। चिलचिलाती धूप में लोग बेहाल होने लगे।
जबरिया रास्ता खुलवाने पर कुछ लोगों से विवाद भी हुआ। इसकी खबर मिलने पर सांसद के प्रतिनिधि के तौर पर मनोज सिंह मौके पर पहुंचे और सभी को समझाने की कोशिश करने लगे, लेकिन उनकी बात सुनने के लिए कोई तैयार नहीं था। इस बीच कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और नि:शक्तों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद सभी जीआईसी परिसर गए। वहां सांसद के प्रतिनिधि मनोज से नि:शक्तों की तकरार होती रही। उन्होंने बताया कि अब 30 जून को सभी नि:शक्तों को विकलांग उपकरण वितरित किए जाएंगे। चूंकि कानपुर की एलिमको कंपनी उपकरण दे नहीं सकी। इससे नि:शक्तों को वितरित नहीं किया जा सका। बतादें कि छह माह पहले भी उपकरण के लिए नि:शक्त जीआईसी के बाहर जाम लगाए थे और सांसद को खरीखोटी सुनाई थी।
जीआईसी के सामने जाम लगाए नि:शक्तों का विवाद पल्टन बाजार के लड़कों से हो गया। जाम खुलवा रहे दो युवक से नि:शक्त भिड़ गए। इस बात की खबर मोहल्ले के लोगों को हुई तो वे बड़ी संख्या में हाथ में डंडा लेकर आने लगे। हालांकि उनके पहुंचने के पहले ही कोतवाली पुलिस पहुंच गई। इससे बवाल होते-होते बच गया।