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बीत गया साल, अभी भी है बिजली का मलाल

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प्रतापगढ़। साल बीतने को है, मगर सौभाग्य योजना के तहत चयनित बिजली से वंचित मजरे रोशन नहीं हो सके। मजरों में कहीं पोल पड़े हैं तो कहीं तार गिरे हैं, तो कहीं बगैर तार-पोल के ही मीटर लगाकर छोड़ दिए गए हैं। मजे की बात यह है कि आधे-अधूरे कार्य के बावजूद जिले को सौभाग्य घोषित कर दिया गया। विद्युतीकरण के लिए ग्रामीण सालभर अफसरों के कार्यालय के चक्कर लगाते रहे, मगर नतीजा सिफर रहा।
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जिले में बिजली से वंचित मजरों को रोशन करने के लिए सौभाग्य योजना की शुरुआत की गई। दो साल पहले योजना का शुभारंभ हुआ। पूरे जिले को बिजली से संतृप्त करना था। इसके लिए बिजली से वंचित मजरों व पुरवों की सूची तैयार की गई। विद्युत विभाग की टीमों ने गांव- गांव भ्रमण कर सूची तैयार की। जिले में लगभग 6 हजार से अधिक मजरों व पुरवों की सूची तैयार की गई, जहां विद्युतीकरण किया जाना था। विद्युतीकरण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था बजाज को दी गई। शुरुआती दौर में विद्युतीकरण के कार्य में तेजी दिखी। जगह-जगह स्टोर बनाए गए ताकि समय से सामाग्री पहुंच सके और विद्युतीकरण का कार्य पूरा हो सके। मजरों में पोल व तार गिरने लगे। कार्य शुरू हो गया।
कनेक्शन का दबाव बढ़ा तो बगैर विद्युतीकरण के ही मीटर लगाए जाने लगे। ग्रामीणों को जल्द विद्युतीकरण का हवाला दिया गया, मगर विद्युतीकरण के कार्य की यह तेजी महज चार से पांच महीने तक ही दिखी। इसके बाद ठेकेदार लापरवाही बरतने लगे। लगभग दो साल की टाइम लाइन थी। जिसमें ठेकेदारों ने जमकर मनमानी की। इस बीच टाइम लाइन पूरी होने लगी तो अफसरों ने अपनी वाहवाही लेने के लिए जिले को सौभाग्य घोषित कर दिया। यानि बिजली से सभी मजरों को संतृप्त कर दिया। जबकि 750 मजरों में काम अधूरा पड़ा रहा। रानीगंज के कसेरूआ, बाहीपुर, कनेवरा, सरायसुल्तानी, देवगढ़ कमासिन, राईपुर, कठार, सदर के बासी, लोहंगपट्टी सहित वंचित मजरों की लंबी सूूची है। बिजली से वंचित मजरों के लोगों ने विद्युतीकरण के लिए अफसरों के कार्यालयों के चक्कर लगाए। दिशा की बैठक में मुद्दा उठाया गया। आला अफसरों ने इसे संज्ञान में लिया। कार्यदायी संस्था को फटकार लगाई। यहां तक की उसे ब्लैकलिस्ट करने तक की चेतावनी दी, मगर इसके बाद भी कार्य पूरा नहीं हो सका। इसे लेकर लोगों में गहरी नाराजगी है।
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बगैर बिजली के आ रहा बिल
बगैर विद्युतीकरण के ही घरों में लगाए गए मीटर से लाखों का बिल आ गया। इसे लेकर ग्रामीण परेशान हो उठे। प्रदर्शन किया तो विद्युतीकरण का कार्य पूरा करने के बजाए विभाग की टीम घरों से मीटर उठा ले गई। बासी व लोहंगपट्टी गांव में इसे लेकर ग्रामीणों में काफी नाराजगी है।
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