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प्रतापगढ़ में राजनीतिक हलचल तेज : राजाभैया से मिलने पहुंचे केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान और विनोद सोनकर

Tue, 14 May 2024 05:07 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़

सार

केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान और कौशाम्बी से भाजप प्रत्याशी विनोद सोनकर मंगलवार को राजाभैया से मिलने के लिए उनके कुंडा स्थित बेती महल आवास पर पहुंचे। यहां आधे घंटे तक मुलाकात हुई। राजाभैया की पार्टी जनसत्ता दल ने चुनाव में अपना प्रत्याशी नहीं उतारा है। भाजपा उन्हें अपने पाले में करने के लिए एड़ी चोटी का पसीना एक कर रही है। माना जा रहा है कि आज राजाभैया देर शाम तक रुख स्पष्ट कर सकते हैं। 
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कुंडा में राजाभैया से मिलने पहुंचे केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान और विनोद सोनकर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लोकसभा चुनाव को लेकर प्रतापगढ़ में राजनीतिक हलचल तेज हो हो गई है। कुंडा विधायक और जनसत्ता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजाभैया को साधने के लिए मंगलवार को केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान और कौशाम्बी से भाजपा प्रत्याशी विनोद सोनकर कुंडा के बेती महल पहुंचे। यहां दोनों नेताओं ने राजाभैया से मुलाकात की। यह मुलाकात आधे घंटे से अधिक चली।

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अभी इसका निष्कर्ष सामने नहीं आया है। राजाभैया के रुख को लेकर कुछ ही देर में कोई फैसला आ सकता है। बता दे कि कौशाम्बी लोकसभा क्षेत्र में प्रतापगढ़ की दो विधानसभा कुंडा और बाबागंज शामिल हैं। इन दोनों विधानसभा में राजाभैया का प्रभाव माना जाता है। कुंडा से खुद राजाभैया विधायक हैं और बाबागंज से उनकी पार्टी के नेता विनोद सरोज विधायक हैं। 

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कुंडा में राजाभैया से मिलने पहुंचे केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान और विनोद सोनकर। - फोटो : अमर उजाला
आज शाम को अपना रुख स्पष्ट कर सकते हैं राजाभैया


मंगलवार को केंद्रीय पशुपालन डेयरी और मत्स्यपालन राज्यमंत्री संजीव बालियान कौशाम्बी के भाजपा प्रत्याशी विनोद सोनकर व अन्य नेताओं के साथ राजाभैया के बेती महल स्थित आवास पर पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच करीब आधे घंटे तक बातचीत हुई। माना जा रहा है कि राजाभैया का रुख भाजपा की ओर हो सकता है। फिलहाल अभी कोई फैसला सामने नहीं आया है। बताया जा रहा है कि राजाभैया आज शाम को पांच बजे अपना रुख स्षष्ट कर सकते हैं। कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करने के बाद वह कोई निर्णय ले सकते हैं।

बता दें कि कुछ दिन पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी राजा भैया से बैंगलोर में मुलाकात की थी। तब से राजाभैया के भाजपा के साथ आने के कयास लगाए जा रहे थे। हालांकि दो दिन पहले अमित शाह की कुंडा में हुई सभा में राजाभैया नहीं पहुंचे थे न ही उनकी पार्टी के कोई नेता और कार्यकर्ता ही शाह की सभा में गए थे। राजाभैया ने इस चुनाव में अपनी पार्टी से प्रत्याशी नहीं उतारा है। इसके कारण सपा और भाजपा दोनों उनकी पार्टी का समर्थन लेने के लिए जोर आजमाइश कर रहे हैं। 
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