मानिकपुर पुलिस द्वारा तस्करों से बरामद रुपये की गिनती करते पुलिसकर्मी।
- फोटो : संवाद।
कुंडा सीओ अमरनाथ गुप्ता के नेतृत्व में रविवार सुबह आठ बजे तक चली कार्रवाई के दौरान तहखाने में बोरियां , आलमारी और संदूक में रखे 2, 01, 55, 345 रुपये मिले। अंधेरे वाले दो कमरों में छिपाकर रखा गया 6 किलो गांजा और 577 ग्राम स्मैक भी मिली। गांजे की कीमत 3 लाख 3 हजार 750 रुपए और स्मैक की कीमत 1 करोड़ 15 लाख 40 हजार रुपए है। मादक पदार्थ की बिक्री के रुपये घर में रखे थे।
ऐसे में तस्कर राजेश मिश्रा की पत्नी रीना मिश्रा, उसके बेटे विनायक मिश्रा, बेटी कोमल मिश्रा, परिवार के ही अजीत मिश्रा व उसके बेटे यश मिश्रा के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार करते हुए न्यायालय में पेश किया गया। बरामद रुपये कोषागार में जमा कराए जाएंगे। अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति की जांच नए सिरे से करते हुए गैंगस्टर के तहत कार्रवाई होगी। जनपद के अलावा तस्कर राजेश के दूसरे जनपदों व प्रदेश में फैले नेटवर्क का पता लगाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश में पहली बार गांजा व स्मैक बरामदगी के दौरान दो करोड़ रुपये की बरामदगी हुई है।
मानिकपुर पुलिस द्वारा तस्करों से बरामद रुपये की गिनती करते पुलिसकर्मी।
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बैंक खाता फ्रीज होने के बाद घर में रखने लगे थे रुपये
पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने बताया कि मादक पदार्थो की बिक्री के रुपये राजेश अपने खाते में भी जमा कराता था। गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई के दौरान उसके खाते फ्रीज करा दिए गए। इसके बाद मादक पदार्थ की बिक्री के रुपये वह घर में ही रखने लगा। परिवार के लोग इस बात से बेफिक्र थे कि अब कुर्की की कार्रवाई के चलते पुलिस उसके पैतृक मकान तक नहीं पहुंचेगी। राजेश समेत परिवार वालों के दूसरे बैंक खातों का भी पता लगाया जा रहा है।