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प्रतापगढ़ः ट्रक टैंपों में भिड़ंत, तीन की मौत, आठ घायल

Fri, 31 May 2019 06:47 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
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road accident in pratapgarh - फोटो : pratapgarh
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प्रयागराज-फैजाबाद राजमार्ग पर स्थित नगर कोतवाली के रतीपुर गांव के समीप शुक्रवार शाम अनियंत्रित टेंपो खड़े ट्रक से जा भिड़ा। हादसे में टेंपो सवार तीन महिलाओं की मौत हो गई। दो बच्चों समेत सात लोग घायल हो गए। हादसे के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। मौका पाकर टेंपो चालक फरार हो गया। आक्रोशित लोगों ने राजमार्ग पर जाम लगाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस के समझाने पर मान गए। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया। मृतकों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। 
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फतनपुर थाना क्षेत्र के कोठरा निवासी बाबूलाल (60) की बेटी बिंदा की शादी जेठवारा थाना क्षेत्र के दुजई का पुरवा में हुई है। गुरुवार को बिंदा की बेटी की शादी थी। बिंदा के मायके से उसके पिता बाबूलाल व उसकी पत्नी भगवंता देवी (55), लाडो (1)पुत्री वृजलाल, अभिषेक (18) पुत्र जवाहरलाल, चंदन (22),  निलेश (14) पुत्र मुन्नीलाल  व सिलौंधी निवासी रामनिहोर रजक (70) व उसकी पत्नी मालती देवी (65) विवाह में शामिल होने के लिए गए थे। शुक्रवार दोपहर बारात की विदाई होने के बाद सभी टेंपो से घर लौट रहे थे।

टेंपो पर मानधाता थाना के कटाता निवासी संतोष धुरिया की पत्नी गीता देवी (35) व उसका बेटा विनीत (4) भी सवार थे। प्रयागराज-फैजाबाद राजमार्ग पर रतीपुर गांव के पास अनियंत्रित टेंपो सड़क पर खड़े ट्रक से टकरा गया। हादसे में टेंपो सवार भगवंता देवी, गीता देवी व मालती देवी की मौके पर ही मौत हो गई। अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई।
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मौका पाकर टेंपो चालक फरार हो गया। आक्रोशित लोग राजमार्ग पर जाम लगाने का प्रयास करने लगे। खबर मिलते ही डायल 100 के साथ भुपियामऊ चौकी मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर शांत कराया। ग्रामीणों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें चंदन और बाबूलाल की हालत नाजुक है। दोनों को प्रयागराज रेफर कर दिया गया है। 

अंतिम सांस तक बेटे को बचाने की गुहार लगाती रही गीता 
मानधाता थाना के कटाता निवासी गीता देवी पत्नी संतोष अपने चार वर्षीय बेटे के साथ टेंपो से प्रतापगढ़ जा रही थी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गई। जब तक गीता की सांस चली तब तक उसने बच्चे को अपने से दूर नहीं होने दिया। खुद सांस नहीं ले पा रही थी। खून से सन गई थी, मगर बेटे को बचा लेने के लिए लोगों से गुजार लगा रही थी। अंत में उसने दम तोड़ दिया। 

चालक की लापरवाही से हुआ हादसा 
टेंपो चालक की लापरवाही के चलते तीन महिलाओं की जान चली गई। टेंपो में सवार अभिषेक ने बताया कि विश्वनाथगंज से आगे बढ़ने के बाद रतीपुर के पास चालक ने टेंपों में डीजल डलवाया। इसके बाद वह तेजी से प्रतापगढ़  की तरफ जा रहा था। उसकी सीट पर एक और चालक बैठा था। दोनों बारी-बारी से टेंपो चला रहे थे। इस बीच अनियंत्रित हुआ टेंपो सड़क पर खड़े ट्रक से जा भिड़ा। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि टेंपो के परखचे उड़ गए। तीन महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई। उनके शव बुरी तरह क्षतविछत हो गए। 

चालक के पास नहीं था लाइसेंस 
टेंपो चला रहे चालक के पास लाइसेंस नहीं था। बगैर लाइसेंस के ही वह सड़क पर फर्राटा भर रहा था। पुलिस और एआरटीओ का ध्यान इस ओर नहीं पड़ता है। स्थानीय लोगों की मानी जाए तो टेंपो का एक चालक 17 साल तो दूसरा 24 वर्ष का था। दोनों का लाइसेंस नहीं है। जबकि टेंपो चालने के लिए लाइसेंस होना अनिवार्य है।  

यात्रियों की जान से खेलते हैं टेंपो चालक 
ज्यादा कमाने के चक्कर में यात्रियों के जान के साथ टेंपो चालक खिलवाड़ करते हैं। दरअसल प्रतापगढ़ के बाबागंज तो मानधाता के देल्हूपुर और विश्वनाथगंज के मानधाता मोड़ पर टेंपो का नंबर लगता है। पहले आने वाले टेंपो चालक को पहले सवारियां लेकर जाने दिया जाता है। इसके चलते एक-दूसरे को ओवरटेक करने की होड़ लगी रहती है। स्पीड अधिक होने के चलते हादसे होते रहते हैं।
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