प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में बेल्हा को एक बार फिर तरजीह नहीं मिली है। जिले में सबसे अधिक मत पाने का रिकार्ड बनाने वाले संगमलाल गुप्ता के मंत्री बनने की चर्चाएं आम थीं, मगर मोदी के मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिलने से मायूस होना पड़ा है। जिले से अब तक एकमात्र राजा दिनेश सिंह ही केंद्रीय मंत्रिमंडल में स्थान पा सके हैं। राजा दिनेश सिंह पांच बार सांसद रहे और उन्हें हर बार मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। 1967 में पहली बार जिले से सांसद चुने जाने पर उन्हें उपमंत्री वाणिज्य की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
17वीं लोकसभा चुनाव में मोदी सरकार को मिले प्रचंड बहुमत के बाद जिले के लोगों की नजरें गुरुवार को राष्ट्रपति भवन में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी रहीं। जिले में सबसे अधिक मत पाने का रिकार्ड बनाने वाले जिले के सांसद संगमलाल गुप्ता को मंत्रिमंडल में शामिल होने को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं। दरअसल में सांसद सगंमलाल गुप्ता और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के संबंध किसी से छिपे नहीं हैं। इससे कयास लगाया जा रहा था कि मोदी मंत्रिमंडल में राज्यमंत्री के तौर पर संगमलाल गुप्ता को शपथ दिलाई जा सकती है।
राष्ट्रपति भवन में शपथग्रहण करने के लिए सांसदों के नामों की घोषणा जिस समय हो रही थी, उस समय बेल्हा के लोगों की नजरें टीवी स्क्रीन पर टिकी रहीं। मगर लोगों को एक फिर मायूस होना पड़ा। हालांकि प्रदेश में बेल्हा का हमेशा दबदबा रहता है। जिले के तीन-तीन विधायकों को मंत्रिमंडल में जगह मिली है। योगी सरकार में राजेंद्र प्रताप उर्फ मोती सिंह, स्वामी प्रसाद मौर्य को कैबिनेट म ंत्री बनाया गया है। जबकि महेंद्र सिंह राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार हैं। मगर केंद्रीय मंत्रिमंडल में जिले से सिर्फ राजा दिनेश सिंह को विभिन्न मंत्रालयों की जिम्मेदारी का निर्वहन करने का मौका मिला था।
1967 में पहली बार जिले से सांसद चुने गए राजा दिनेश सिंह को उपमंत्री वाणिज्यकर बनाया गया। राजा दिनेश सिंह की सक्रियता देखकर प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू नेपहले विदेश सलाहकार और फिर विदेश उपमंत्री, विदेश राज्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री बनाया। जिले से 1967, 1971, 1984, 1989 और एक बार बांदा से सांसद रहे राजा दिनेश सिंह ने मानव संसाधन विकास मंत्री, जल संसाधन मंत्रालय की जिम्मेदारी भी निभाई थी।