देश में लॉकडाउन के बाद किसी तरह घर पहुंचे प्रवासी कामगारों ने फिर मुंबई की डगर पकड़ ली है। रोजगार का कोई साधन न होने के कारण हर दिन हजार के करीब लोग मुंबई जा रहे हैं।
ट्रेनें बंद होने के बाद प्रवासियों की भीड़ देख प्रतापगढ़ से मुंबई के लिए कई प्राइवेट बसों का संचालन शुरू हो गया है। लोगों को मुंबई भेजने के लिए शहर में अस्थायी तौर पर कई ट्रांसपोर्ट कार्यालय खुल गए हैं। जिले से प्रतिदिन करीब 20 बसें मुंबई के लिए रवाना हो रही हैं। मौके का फायदा उठाते हुए बस संचालक एक व्यक्ति से 2700 से 3000 रुपये तक किराया वसूल रहे हैं।
कोरोना के संक्रमण के चलते मार्च में प्रतापगढ़ से ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया गया था। महामारी के दौर में मुंबई, सूरत और दिल्ली से हजारों की संख्या में लोग स्पेशल ट्रेनों और निजी साधनों से किसी तरह भारी मुसीबत झेलकर घर लौटे थे।
अब करीब पांच महीने बाद मुंबई में जिंदगी पटरी पर लौटते देख बड़ी संख्या में प्रवासी कामगार लौटने लगे हैं। प्रतापगढ़ से मुंबई के लिए सीधी दो ट्रेनें हैं। जिनका संचालन अभी बंद है। प्रतापगढ़ के रास्ते गुजरने वाली भी कोई ट्रेन मुंबई के लिए नहीं है। इसका फायदा उठाते हुए प्राइवेट बस संचालकों ने मुंबई के लिए सीधी सेवा शुरू कर दी है। ट्रांसपोर्टर व ट्रैवेल्स संचालकों द्वारा बसों का संचालन किया जा रहा है।
शहर के स्टेशन रोड, भैरोपुर, चिलबिला, भंगवाचुंगी, भुपियामऊ से प्रतिदिन बसें मुंबई रवाना हो रही हैं। इसके अलावा रानीगंज, पट्टी, मान्धाता, लालगंज, कुंडा समेत जिले के बड़े बाजारों से भी बसों का संचालन हो रहा है।
जिले से प्रतिदिन 15 से 20 बसें मुंबई जा रही हैं। एक बस में 60 सीट होती है। ऐसे में जिले से हर दिन 900 से लेकर 12 सौ परदेसी मुंबई जा रहे हैं। शहर के स्टेशन रोड पर चाय व पान की दुकान चलाने वाले भी ट्रैवेल्स का बोर्ड लगाकर बसों की बुकिंग कर रहे हैं।
24 घंटे रेलवे स्टेशन पर परदेसियों की भीड़ उमड़ रही है। मुंबई जाने वाले एक व्यक्ति से 2700 से 3000 रुपये तक किराया लिया जा रहा है। वॉल्वो व एसी बसें भेजी जा रही हैं। मुंबई जाने वाले भंगवा निवासी गुड्डू वर्मा, जोगापुर निवासी शकील अहमद का कहना है कि ट्रेन में टिकट नहीं मिल रहा है। तत्काल टिकट का खर्च भी 15 सौ से ऊपर हो जाता है। अब घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया। इसलिए भले ही बसों से अधिक किराया देना पड़ रहा है, लेकिन वे आराम से मुंबई पहुंच जाएंगे।
भीड़ देख बढ़ा दिया किराया
मुंबई जाने वाले परदेसियों की दिक्कत को देखते हुए ट्रैवेल्स संचालकों ने मनमानी शुरू कर दी। पहले 1800 रुपये किराया लिया जा रहा था। भीड़ बढ़ने के बाद ट्रैवेल्स संचालकों ने बसों का किराया बढ़ा दिया। पहले 2200 फिर 2500 के बाद वॉल्वो बस का किराया 2700 तक पहुंच गया है।
ट्रैवेल्स संचालकों का नहीं है पंजीकरण
ट्रेनें बंद होने के कारण परदेसियों को मुंबई भेजने के लिए शहर में जगह-जगह ट्रैवेल्स संचालक बोर्ड लगाकर बैठ गए हैं। यहां तक की चाय-पान, नाश्ते की दुकान पर भी ट्रैवेल्स संचालक का बोर्ड लगा है। वह प्रतिदिन परदेसियों से किराया लेकर बुकिंग कर रहे हैं। बस जाने का समय पता कर उन्हें उसी दिन बुलाया जाता है। ऐसे ट्रैवेल्स संचालकों का कोई रजिस्ट्रेशन नहीं है। जिससे सभी मनमानी कर रहे हैं।
मुंबई के लिए बसों के संचालन का मामला सामने आया है। बिना रजिस्ट्रेशन कराए ही ट्रैवेल्स का बोर्ड लगाकर लोग बुकिंग कर रहे हैं। नियम विरुद्ध कार्य करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सुशील मिश्रा, एआरटीओ प्रशासन
रेलवे स्टेशन तिराहे पर मुंबई जाने वाली बस पर बैठने को भीड़ लगाकर खड़े यात्री।- फोटो : PRATAPGARH