तालिब धर्मशाला में झूलेलाल महोत्सव पर पूजन करते सिंधी समाज के लोग।
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कोरोना काल में इस बार झूलेलाल की जयंती पर झांकी नहीं निकली। तालिब धर्मशाला में सिंधी समाज के लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग के बीच दुग्धाभिषेक कर विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर प्रसाद अर्पित किया। इधर, लॉकडाउन की पाबंदियों के बीच समाज के लोगों ने घरों में ही झूलेलाल की जयंती मनाई। दिनभर घरों में उल्लास का वातावरण बना रहा।
झूलेलाल की जंयती को लेकर सुबह से ही सिंधी समाज के लोग उत्साहित दिखे। सुबह घरों में लजील पकवान बनाए गए। महिलाओं ने झूलेलाल को अर्पित होने वाला विशेष प्रसाद बनाया। मीठा चावल, तहरी, काले चने का प्रसाद बनाकर पूजन की थाल सजाई।
इसके बाद घरों में परिवारीजनों के साथ लोगों ने भगवान झूलेलाल का विधि-विधान से पूजन किया। झूलेलाल के जयकारे से पूरा वातावरण गूंजायमान हो उठा। शहर के बाबागंज, पंजाबी मार्केट, पल्टनबाजार, कचहरी सहित अन्य मोहल्लों में जयकारे से पूजन-अर्चन से भक्तिमय माहौल बना रहा। इस अवसर पर प्रताप कुंदनानी, प्रताप हसानी, इंद्र कुमार हसानी, शिव पंजवानी, उमेश हसानी, राकेश साधवानी आदि मौजूद रहे।
रिफ्यूजी कालोनी में झूलेलाल महोत्सव पर डांडिया नृत्य करते सिंधी समाज के लोग।- फोटो : PRATAPGARH