श्रद्धालुओं से भरी मैजिक डाला अनियंत्रित होकर पलट गई। जिससे उसमें सवार छात्र की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में डेढ़ दर्जन श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए, जिसमें तीन की हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने घायलों को सीएचसी पहुंचाया। यहां से दर्जन भर घायलों को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। श्रद्धालु कौशांबी स्थित शीतलन धाम में एक बच्चे के मुंडन संस्कार में शामिल होने जा रहे थे।
जेठवारा थाना क्षेत्र के डांडी दया का पुरवा निवासी दयाराम के नाती के मुंडन व दर्शन पूजन के लिए बुधवार की सुबह दो वाहनों पर सवार करीब 35 श्रद्धालु कौशांबी के सिराथू इलाकेे में स्थित शीतलन धाम जा रहे थे। लालगंज कोतवाली के भेभौरा गांव के समीप कालाकांकर मार्ग पर नौ बजे के करीब श्रद्धालुओं से भरी मैजिक डाला अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में कक्षा बारह के छात्र धीरज वर्मा (18) पुत्र देवनाथ की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना में धर्मराज (55), रंगीला (45), पंकज (13) व कस्तूरा देवी (42) , पूजा देवी (13), बरखा देवी (45), कमला (19), शिवम (15), सौम्या (13), चटकीला (45), प्रेमा देवी (38), विनोद कुमार (14), मनोज कुमार (17), पप्पू (15), नीरज वर्मा (15), रामसूरत (17) व शोभा देवी(36) घायल हो गई। हादसे के बाद घटना स्थल पर कोहराम मच गया। मौके पर राहगीरों व स्थानीय लोगों का मजमा लग गया।
सूचना पर तत्काल पुलिस पहुंची और लहूलुहान पड़े सभी घायलों को एंबुलेंस से लालगंज सीएचसी लाया गया। यहां घायलों की हालत नाजुक देख चिकित्सकों ने जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। चिकित्सकों के मुताबिक कस्तूरा, रंगीला व पंकज की हालत नाजुक है। घटना की जानकारी पर सीओ व तहसीलदार भी सीएचसी पहुंचे।
पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। कोतवाल ने बताया कि जानकारी मिलते ही घायलों को जिला अस्पताल के लिए भेजा गया है। परिजनों की ओर से कोई शिकायत मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
चीख पुकार सुनकर अस्पताल में मची अफरातफरी
लालगंज कोतवाली के भभौरा गांव के समीप मैजिक डाला पटलने से घायल हुए श्रद्धालुओं को डायल हंड्रेड व एंबुलेंस से लादकर स्थानीय सीएचसी लाया गया। अचानक डेढ़ दर्जन घायलों के लहूलुहान होकर पहुंचने से अस्पताल में अफरा तफरी मच गई। कोई बेड पर पड़ा कराह रहा था तो कोई फर्श पर पड़ा चिल्ला रहा था। परिजनों को लहूलुहान देख साथ आए सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था।
चारों ओर चीख पुकार मची हुई थी। अचानक बड़ी संख्या में घायलों के पहुंचते ही अस्पताल के चिकित्सक भी सकते में आ गए। घायलों की हालत देखकर अस्पताल में मौजूद सभी चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों ने किसी तरह घायलों का प्राथमिक उपचार किया। इस बीच हादसे में सात लोगों के मरने की अफवाह फैल गई, तो जिसने भी सुना वह अस्पताल पहुंच गया। हादसे के बाद तड़प रहे घायलों को किसी तरह जिला एंबुलेंस से जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया। करीब घंटे भर अस्पताल परिसर में अफरा तफरी व चीख पुकार का माहौल बना रहा।
पल भर में मातम में बदल गई सारी खुशियां
लालगंज के डांडी गांव के दयाराम का पूरा कुनबा नौनिहाल का मुंडन कराने के लिए शीतलन धाम जाने को निकला था। इसके लिए बुधवार को सुबह से तैयारी चल रही थी। मुंडन व दर्शन पूजन के बाद वहां खाना बनाने के लिए सिलेंडर, राशन व बर्तन भी साथ ले जा रहे थे। दोनों वाहनों पर सवार लोग आपस में गीत संगीत का भी आनंद उठाते जा रहे थे, लेकिन अचानक हुए हादसे के बाद का मंजर देख सारी खुशियां मातम में बदल गई।
छात्र का शव से लिपटकर परिजन दहाड़े मारकर रो रहे थे। घायलों में किसी का सिर फटा था तो किसी हाथ व पैर टूटा था। सभी कि कपड़े खून से लथपथ हो गए। खुशियों का सारा मंजर मातम में तब्दील हो गया था।