अंतू इलाके के रहने वाले बीएसएफ के इंस्पेक्टर की श्रीनगर में ड्यूटी के दौरान हिमस्खलन के दौरान बर्फ के नीचे दबने से जान चली गई। पांच दिन बाद शव मिलने के बाद अधिकारियों ने घटना से परिवार के लोगों को अवगत कराया, जिसके बाद पूरे गांव में मातम का माहौल व्याप्त हो गया। शनिवार को हेलीकाप्टर से शव पैतृक गांव लाया जाएगा, जहां राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
अंतू थाना क्षेत्र के छतरपुर शिवाला के रायतारा निवासी कुंवर बहादुर सिंह (56) पुत्र शिवमंगल सिंह बीएसएफ में उपनिरीक्षक के पद पर तैनात थे। मौजूदा समय में उनकी तैनाती जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में थी। 18 फरवरी को अधिक बर्फबारी होने के कारण कंपनी की पानी सप्लाई बंद हो गई थी। जिसे ठीक करने के लिए कुंवर बहादुर सिंह अपने साथियों के साथ कैंप से निकले थे।
इसी दौरान रास्ते में हिमस्खलन शुरू हो गया, जिसमें कई जवान बर्फ के नीचे दब गए। लगातार उनकी खोजबीन की जा रही थी। शुक्रवार को बर्फ में दबे कुंवर बहादुर का शव मिला, जिसके बाद बीएसएफ के अफसरों ने इसकी सूचना उनके घर भेजी। खबर मिलते ही परिजन रोने बिलखने लगे। एसडीएम सदर एसपी सिंह व सीओ अतुल शर्मा शुक्रवार को बीएसएफ के जवान के घर पहुंचे और परिवार के लोगों को ढाढ़स बंधाया।
चार साल बची थी नौकरी
बीएसएफ में करीब चार दशक पहले भर्ती होने वाले कुंवर बहादुर सिंह ने सिपाही के पद पर काम करते हुए प्रमोशन पाया था। वह मौजूदा समय में उपनिरीक्षक के पद पर पहुंच गए थे। उनकी चार साल की नौकरी शेष थी। वह देश की सेवा कर ही सेवानिवृत्त होना चाहते थे। बीच में परिवार व करीबियों ने सेवानिवृत्त के लिए दबाव बनाया, लेकिन वह नहीं माने।
दो माह पहले आए थे अवकाश पर घर
कुंवर बहादुर सिंह दिसंबर में अवकाश मिलने के बाद घर आए थे। बेटे उपेंद्र को घर के कामकाज बताकर वह ड्यूटी पर चले गए। परिवार के लोगों से 17 फरवरी को उनकी बात हुई थी।