अपराधियों के आगे पुलिस हांफ रही है। जब चाहे बदमाश पुलिस के इकबाल को रौंदते हुए सनसनीखेज वारदातों को अंजाम देने के बाद भाग निकलने में कामयाब हो जाते हैं और पुलिस केवल पीछा करती रहती है। बदमाशों ने यह मान रखा है कि जिले में पुलिस और एसटीएफ का कोई मतलब नहीं है। इसके पीछे भी पुलिस की कारगुजारी ही सामने आती है। उल्टा सीधा खुलासा करने वाली पुलिस शातिर अपराधियों को जेल नहीं भेजती। जिसके कारण असली अपराधी फरारी काटते हुए घटनाओं को लगातार अंजाम देते रहते हैं।
वर्ष 2019 की शुरुआत ही खूनी खेल से हुई थी। बदमाशों ने एक जनवरी को नगर कोतवाली के जिरियामऊ में सई नदी पुल के नीचे कंधई के ताला निवासी सुनील ओझा की हत्या कर लाश फेंक दी थी। 2 जनवरी को जोगापुर में प्रापर्टी डीलर सुधीर सिंह उर्फ टीएन की हत्या कर दी गई। संग्रामगढ़ में 4 जनवरी की रात पूरे निर्मल में रामआसरे सरोज की हत्या कर दी गई। इन घटनाओं से पुलिस अभी ऊबर नहीं पाई थी कि 23 जनवरी को शातिर बदमाशों ने दुस्साहस का परिचय देते हुए मंत्री मोती सिंह के घर करीब मार्बल व्यापारी राजेश सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी।
इस घटना ने व्यापारियों को झकझोर कर रख दिया। पुलिस बदमाशों की तलाश में हांफती रही। 28 फरवरी को सांगीपुर में मोबाइल विक्रेता की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस, स्वॉट टीम और एसटीएफ की टीम सनसनीखेज घटनाओं को अंजाम देने वाले बदमाशों की तलाश में जाल बिछाती रहीं, लेकिन वह हर बार उनका चक्रव्यूह तोड़ते रहे। 9 फरवरी को मंत्री मोती सिंह के घर के पास ही बदमाशों ने किराने की दुकान में लूटपाट करने के बाद सामने आए अशोक शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
नगर कोतवाली के ही रूपापुर में मामूली विवाद के दौरान 16 मार्च को रोहित शर्मा की नृशंस हत्या कर दी गई। इन घटनाओं को अंजाम देने वाले बदमाशों की तलाश में एसटीएफ, स्वाट टीम और कोतवाली पुलिस लगी रही, लेकिन नाकामी हाथ लगी। बदमाशों ने पुलिस को चुनौती देते हुए 31 मार्च को रंगदारी न देने पर पुलिस के पहरे में दुकान पर बैठे व्यापारी हरि गौरव के पिता पर फायरिंग की। पुलिसकर्मी मुंह ताकते रह गए। पुलिस को फिर मुंह की खानी पड़ी।
बदमाशों की बुलेट बहाती रही लोगों का खून
तीन माह के भीतर जिले में जानलेवा हमले की भी कई घटनाएं हुईं। कुछ रंजिश में तो कुछ वर्चस्व को लेकर अंजाम दी गई। मानधाता के जमुहा में 2 मार्च को राजेश तिवारी को गोली मारी गई। महेशगंज के जनक का पुरवा में बरामदे में बैठी स्वाति तिवारी को गोली मार दी गई। 29 मार्च को नगर कोतवाली के गायघाट पुल पर पचखरा के रोहित सिंह को गोली मार दी गई। घटना में शामिल बदमाश अतीक की पुलिस तलाश कर ही रही थी कि वह सदर बाजार में व्यापारी के घर पर गोलियां बरसाकर भाग निकला। इसके अलावा रानीगंज , जेठवारा, नगर कोतवाली, लालगंज में भी बदमाशों की बुलेट लोगों का खून बहाती रही।
दो आर्मोरर, दस हजार से अधिक असलहे, कभी नहीं होता प्रशिक्षण
जिले में असलहों की देखभाल के लिए दो आर्मोरर तैनात किए गए हैं। पुलिस लाइन के शस्त्रागारों के अलावा कोतवाली व थानों के मालखानों में रखे गए असलहों का रख-रखाव व मरम्मत का कार्य आर्मोरर ही करते हैं। पुलिसकर्मियों को फायरिंग का प्रशिक्षण भी कागजों पर ही दिया जाता है। रविवार को व्यापारी हरि गौरव की दुकान पर बैठे स्वॉट टीम के सिपाही और बाहर बैठे पुलिसकर्मी असलहा लिए थे, लेकिन बदमाशों के फायरिंग करने के बाद भी उसका प्रयोग नहीं कर सके। सच्चाई यह है कि पुलिसकर्मियों के असलहे भी केवल दिखाने के लिए ही हैं। उनसे कभी फायरिंग तक नहीं कराई जाती है।
मंत्री के घर के करीब दिखाया दुस्साहस
कैबिनेट मंत्री मोती सिंह और नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमलता सिंह का मकान सदर चौराहे के करीब है। बेखौफ बदमाशों ने दोनों वीआईपी के घर पर मुस्तैद सुरक्षाकर्मियों की परवाह किए बिना मार्बल व्यापारी राजेश सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी। जबकि सदर बाजार में किराने की दुकान में लूटपाट करते युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। फिर मार्बल व्यापारी हरि गौरव से रंगदारी मांगी। न देने पर पुलिस की मौजूदगी में दुकान पर बैठे लोगों पर दिनदहाड़े फायर झोंककर भाग निकले। किराना व्यापारी अंजनी ऊमरवैश्य से पांच लाख की रंगदारी मांगी।
डंडे से कैसे करेंगे बदमाशों का मुकाबला
मार्बल व्यापारी हरि गौरव की सुरक्षा में तेजतर्रार सिपाहियों को लगाया गया था। इसके बावजूद बदमाश दिनदहाड़े पहुंचे और फायर कर भाग निकले। पुलिसकर्मियों की मानें तो उनके पास असलहे भी थे। बदमाश भी भाग रहे थे, लेकिन यह सोचकर उन्होंने फायर नहीं किया कि गोली किसी और को न लग जाए। ऐसा होने पर उनका भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। भुलियापुर चेकपोस्ट के साथ ही डायल हंड्रेड के पुलिसकर्मी केवल डंडा लिए रहते हैं। यदि बदमाशों के असलहों से बुलेट निकलेगी तो पुलिसकर्मी उनका कैसे मुकाबला करेंगे।
सूर्य ढलने के साथ ही बंद होने लगती हैं दुकानें
सदर बाजार के साथ ही जिले के व्यापारियों में बदमाशों का खौफ है। शाम होते ही वह अपनी दुकानें बंद कर देते हैं। शहर में भी व्यापारी जल्दी दुकानें बंद कर घर निकल जाते हैं।
दिनभर दुकान के बाहर होती रही चेकिंग
नगर कोतवाली के सदर बाजार निवासी राजस्थान मार्बल कारोबारी हरि गौरव मंगलवार भी दुकान खोलने से किनारा कसे रहे। हालांकि उनकी दुकान के सामने पुलिस वाहनों की चेकिंग करती रही। पुलिस की मौजूदगी के चलते व्यवसाय भी प्रभावित हो रहा है। दुकान पर बैठने के दौरान हमेशा लोग सहमे रहते हैं।