प्रतापगढ़ के कोरोना पीड़ित युवक की रविवार देर रात प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में मौत हो गई। इसकी जानकारी मिलने पर गांव में लोग सहम गए। मृतक कुछ दिनों पहले परिवार के साथ गुरुग्राम से लौटा था। उसे पंचायत भवन में क्वारंटीन किया गया था। तबियत बिगड़ने के बाद उसे एसआरएन भेजा गया था। वहां इलाज के दौरान वह कोरोना पाजिटिव मिला था।
बाघराय थाना क्षेत्र के गोगौर गांव निवासी बजरंग बहादुर मौर्य (35) पुत्र अवध शरण बीते 12 मई को गुरुग्राम से बस से आया था। उसके साथ उसकी पत्नी, भतीजा, बेटा और गांव का एक युवक भी आया था। गांव पहुंचने के बाद युवक को पंचायत भवन में क्वारंटीन किया गया था। अचानक उसकी तबियत बिगड़ गई। जानकारी मिलने पर चिकित्साधीक्षक डा. शबीब हैदर गांव पहुंचे।
इसके बाद उसकी थर्मल स्क्रीनिंग कराई। उसे लगातार खांसी आ रही थी। कोरोना जैसे लक्षण दिखने पर 13 मई को उसे एंबुलेेंस से प्रयागराज भेज दिया गया। वहां जांच के बाद उसकी रिपोर्ट पाजिटिव आई। एसआरएन में उसका इलाज चल रहा था। रविवार की देर रात उसकी मौत हो गई। इसकी सूचना प्रयागराज से ग्राम प्रधान पिंटू सिंह को मिली।
इस पर उन्होंने वाहन से परिजनों को प्रयागराज भेजा। वहीं मृतक का अंतिम संस्कार हुआ। युवक की मौत की सूचना पर सोमवार को दोपहर बाद गांव में पुलिस प्रशासन के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची और युवक का यात्रा इतिहास खंगाला। प्रशासन ने गांव को सील कर दिया। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने गांव में सैनिटाइजेशन की व्यवस्था करानी शुरू की।
पुरवा के साथ ही पंचायत भवन जाने के रास्ते सील
युवक की मौत की सूचना के बाद पुलिस ने देर शाम पंचायत भवन जाने के दो मुख्य रास्तों को बैरियर लगाकर सील कर दिया। इसके साथ ही युवक के पुरवे डीह को पूरी तरह से सील कर दिया है। चौकी इंचार्ज शकरदहा ने बताया कि पुरवे में छह बैरियर बनाए गए हैं। मौके पर 2 उपनिरीक्षक और सात सिपाहियों की तैनाती की गई है।