pratapgarh news : आसपुर देवसरा में बवाल के बाद मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी नितिन बंसल।
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आसपुर देवसरा ब्लॉक प्रमुख चुनाव के दौरान दोपहर करीब एक बजे बीडीसी सदस्य सुनीता निवासी महुली पूरेधनी को मतदान के लिए प्रवेश नहीं मिला। बताया गया कि उनका मत पड़ चुका है। सपाइयों ने लिखित शिकायत की, मगर कोई निस्तारण नहीं हुआ। इसे लेकर सपा प्रत्याशी सुषमा के समर्थक हंगामा करते हुए बैरीकेडिंग के पास धरने पर बैठ गए। इस दौरान पुलिस से सपाइयों की तीखी झड़प हुई। आक्रोशित लोगों ने उग्र होकर बैरियर तोड़ दिया। इसके बाद लाठी-डंडे लेकर पथराव करते हुए पुलिसकर्मियों को दौड़ा लिया। जान बचाने के लिए पुलिसकर्मी बैकफुट पर आ गए। उपद्रवियों ने पुलिसकर्मियों की करीब दर्जनभर बाइकें तोड़ डालीं।
pratapgarh news : आसपुर देवसरा में ब्लाक प्रमुख चुनाव के दौरान बवाल में तोड़ी गईं बाइकें।
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इसके बाद भीड़ ने आसपुर देवसरा थाने को घेर लिया। पुलिसकर्मी जान बचाने के लिए थाने के भीतर व आसपास के घरों में छिप गए। ब्लॉक से थाने तक अफरातफरी के बीच हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने पहले आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद 10-15 राउंड हवाई फायरिंग करने के साथ उपद्रवियों पर रबड़ बुलेट छोड़ी। इस बीच पीएसी ने मोर्चा संभाला और बवाल कर रहे लोगों को दौड़ाया। तब जाकर उपद्रवियों पर पुलिस काबू पा सकी। करीब एक घंटे बाद जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल व प्रभारी पुलिस अधीक्षक एलआर कुमार भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। तब जाकर हालात पूरी तरह से काबू में आए। जिलाधिकारी ने बवाल करने वालों पर मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया। पुलिस वीडियो फुटेज के जरिए बवालियों को चिह्नित करने का प्रयास कर रही है।
देवसरा इंस्पेक्टर की लापरवाही से हुआ बवाल
आसपुर देवसरा ब्लॉक प्रमुख के चुनाव के दौरान बवाल थानाध्यक्ष की लापरवाही से हुआ। बिना तैयारी के ड्यूटी पर मातहतों के साथ पहुंचे इंस्पेक्टर व उनके बेगलाम दरोगा बवाल के बाद छिपते नजर आए। पुलिसकर्मियों की जान मुश्किल में देखने के बाद भी लोगों के सामने नहीं आए।
ब्लॉक प्रमुख चुनाव में आसपुर देवसरा ब्लॉक संवेदनशील माना जा रहा था। इसलिए वहां अतिरिक्त फोर्स भी लगाई गई थी। इसके बाद भी इंस्पेक्टर देवसरा नरेंद्र सिंह चुनाव कराने के लिए पूरी तैयारियों के साथ नहीं पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इंस्पेक्टर के साथ मातहत भी लापरवाही बरतते रहे। दरोगा अखिलेश राय मतदान के लिए आने-जाने वाले लोगों के साथ अभद्रता करते रहे। यदि थोड़ी भी तैयारी पुलिस ने की होती तो शायद बवाल न होता। इंस्पेक्टर की लापरवाही से मतदान के दिन पुलिस की किरकिरी होती रही। यह इंस्पेक्टर की कोई पहली गलती नहीं है। इसके पहले भी वह पट्टी में तैनाती के दौरान व्यापारियों, अधिवक्ताओं से भी दुर्व्यवहार कर चुके हैं। जिसके चलते पुलिस विभाग के अफसरों को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है। यह तो गनीमत रही कि बवाल के पहले सचेत हुए पुलिसकर्मियों ने भागकर अपनी जान बचा ली। अन्यथा अप्रिय वारदात से इनकार नहीं किया जा सकता था।
इंस्पेक्टर की गलती पर प्रभारी एसपी को जताना पड़ा खेद
ब्लॉक प्रमुख चुनाव के दौरान इंस्पेक्टर देवसरा की कार्यशैली से मीडिया के लोगों में भी आक्रोश रहा। बवाल के बाद मौके पर पहुंचे प्रभारी एसपी एलआर कुमार से मीडिया कर्मियों ने इंस्पेक्टर व दरोगा की कारस्तानी की शिकायत की। जिस पर प्रभारी एसपी ने खेद जताया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह इंस्पेक्टर को चेतावनी देंगे। इस तरह का कृत्य क्षम्य नहीं है। मतदान केंद्र से दूर सड़क पर बैरियर पर तैनात दरोगा अखिलेश राय मीडियाकर्मियों को अंदर नहीं जाने दे रहे थे। जिसे लेकर बवाल बढ़ता रहा। जबकि दूसरे लोगों को भीतर आने-जाने दिया जा रहा था। एसडीएम पट्टी ने भी मीडियाकर्मियों को समझाबुझाकर शांत कराते हुए दरोगा की रिपोर्ट अधिकारियों को भेजने की बात कही।
मीडियाकर्मी घायल, वाहन भी क्षतिग्रस्त
आसपुर देवसरा ब्लॉक प्रमुख चुनाव का कवरेज करने पहुंचे मीडियाकर्मी विनय कुमार श्रीवास्तव भी उपद्रवियों के शिकार हो गए। बवालियों ने उनके वाहन को तोड़ते हुए गिरा दिया। विरोध करने के दौरान विनय पर हमला किया गया। जिससे उन्हें चोटें आई हैं।