प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने के लिए पहली बार पहुंचे डीआरएम ने कहा कि रेलवे स्टेशन का कायकल्प होने के साथ ही साथ वाशिंग लाइन बनाई जाएगी। प्लेटफार्म बढ़ाए जाएंगे। टीनशेड बदलने के साथ कर्मचारियों की जर्जर कालोनियों की भी मरम्मत कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि मानव रहित क्रासिंगों को हर हाल में बंद कराया जाएगा। पटरियों के जर्जर होने और क्लिप, नट-बोल्ट आदि गायब होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि नट-बोल्ट गायब होने से ट्रेन नहीं पलटेगी।
डीआरएम सतीश कुमार सोमवार शाम करीब 5.25 बजे स्पेशल ट्रेन से प्रतापगढ़ स्टेशन पहुंचे। ढाई घंटे तक स्टेशन का निरीक्षण करने के बाद वह लौट गए। उनके स्वागत के लिए पहले से ही प्लेटफार्म पर स्टेशन अधीक्षक त्रिभुवन मिश्र, एडीएन सचान, जीआरपी और आरएपीएफ एसओ खड़े थे। ट्रेन से उतरते ही डीआरएम दो नंबर प्लेटफार्म का निरीक्षण करते हुये उत्तरी छोर की ओर पहुंच गए। यहां गंदगी दिखने पर उन्होंने स्टेशन अधीक्षक को फटकार लगाई। यहां से तीन नंबर प्लेटफार्म का निरीक्षण करते हुए फुटओवरब्रिज से एक नंबर प्लेटफार्म पर पहुंचे। थोड़ी देर के लिए स्टेशन अधीक्षक के चैंबर में जाकर बैठ गए। दस मिनट बाद निकले और स्टेशन परिसर में पहुंच गए। यहां बन रहे मॉडल गेट पर होर्डिंग लगी देख उन्होंने नाराजगी जताई। पार्क का निर्माण जल्द पूरा करवाने को कहा। आरक्षण काउंटर की जांच करने के बाद वह जीआरपी और आरपीएफ कॉलोनी की ओर गए। यहां जीआरपी एसओ वीके सिंह ने बताया कि बरसात के दिनों में पानी भर जाता है। कमरे में रात गुजारना मुश्किल हो जाता है। हर समय जान का खतरा बना रहता है। डीआरएम ने तत्काल एडीएन को निर्देश दिया कि कॉलोनी की मरम्मत करवाएं। कुछ देर के लिए डीआरएम ने टीम के साथ रेलवे ट्रैक का भी जायजा लिया। इस दौरान आरपीएफ थाने के सामने खामी देखकर जिम्मेदार अफसरों को जमकर फटकार लगाई। यहां से वह लोको लॉबी में गए। लोकोपॉयलटों के नशे में होने की जांच करने वाली मशीन चेक करने लगे। एक माह की रिपोर्ट मांगने पर लोको लॉबी इंचार्ज नहीं दिखा पाए। इतना ही नहीं कई और कागजात न मिलने पर वहीं रुक गए और कागजात आने के बाद ही आगे बढ़ने की बात कही। इस पर रेलवे के अफसरों के साथ कर्मचारी पसीने-पसीने हो गए।