शनिदेव धाम के करीब सोमवार को बकुलाही नदी में गणेश प्रतिमा विसर्जन करने गया युवक गहरे पानी में समा गया। उसकी खोजबीन में स्थानीय गोताखोर हाथ पैर मारते रहे लेकिन कामयाबी नहीं मिली। जिसके कारण परिवार के लोग नदी के किनारे रोते बिलखते रहे। पुलिस के साथ देर शाम तक गोताखोर नदी में तलाश करते रहे।
मानधाता कस्बे के सब्जी मंडी में गणेश प्रतिमा की स्थापना की गई थी। सोमवार को पूजन अर्चन के बाद प्रतिमा को विसर्जित करने के लिए बाजार के लोग नाचते गाते शनिदेव धाम की ओर चल पड़े। बकुलाही नदी में गणेश प्रतिमा विसर्जित करने के लिए पहुंचे। पुल के करीब प्रतिमा विसर्जन करने के लिए युवक नदी में घुसे। बाजार का रहने वाला आशीष जायसवाल (20) पुत्र संतलाल जायसवाल प्रतिमा को नदी की गहराई की ओर ले जा रहा था। अचानक उसका पैर फिसल गया और बहाव में गिर पड़ा। पानी अधिक होने के कारण आशीष नदी में डूबते हुए बहने लगा। मौके पर मौजूद पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों को बुलाया और उसकी तलाश कराने लगे लेकिन उसका पता नहीं चला। इस बात की जानकारी मिलने पर परिजन रोते बिलखते घटनास्थल की ओर भागे। नदी के तट पर परिवार के लोगों के करुण क्रंदन से माहौल गमगीन हो गया था। मानधाता पुलिस की मांग पर इलाहाबाद से गोताखोर बुलाए गए लेकिन तब तक काफी विलंब हो चुका था। रात करीब पौने आठ बजे गोताखोरों ने प्रयास कर आशीष का शव नदी से खोज निकाला। जिसे देखते ही लोग रोने बिलखने लगे। पूरे बाजार में गम का माहौल व्याप्त है। पांच भाइयों में आशीष सबसे छोटा था।