कोरोना काल में संक्रमण से बचाव के लिए शहर के वृद्ध दंपती ने मुंबई से आए बहू- बेटे को होम क्वारंटीन करने के लिए 15 दिनों के लिए शहर स्थित अपना पुश्तैनी मकान छोड़ दिया। क्वारंटीन अवधि तक छोटे बेटे व बहू के साथ वह पास के मुहल्ले में किराए के मकान में रहने लगे।
क्वारंटीन अवधि के लगभग 12 दिन बीत चुके हैं। परिजन फोन से ही बहू-बेटे का हालचाल ले रहे हैं। दंपति का कहना है कि सजगता और जागरूकता ही कोरोना वायरस के संक्रमण से हमें बचा सकती है।
शहर के सिविल लाइन स्थित संजय मार्केट निवासी श्रीकांत मिश्र पुत्र स्व.श्रीरामप्रकाश मिश्र सहकारी बैंक के कर्मचारी हैं । वह पत्नी चंद्रकली मिश्रा, छोटे बेटे अरविंद कुमार मिश्र, बहू ऋचा मिश्रा और नाती ओम मिश्रा, व्योम मिश्रा के साथ रहते हैं। बड़ा बेटा रवींद्र कुमार मिश्र पत्नी सुनीता मिश्रा और बेटे आयुष मिश्र, अभिनव मिश्र के साथ मुंबई में रहकर व्यवसाय करता है ।
25 मार्च को लॉकडाउन के बाद से कामकाज ठप हो गया। इधर, मुंबई में तेजी से फैल रहे संक्रमण को लेकर श्रीकांत मिश्र और उनकी पत्नी चंद्रकली मिश्रा को बेटे की चिंता सताने लगी। उन्होंने बेटे रवींद्र को फोनकर घर आने के लिए कहा। परिवारीजनों की जिद के बाद रवींद्र मिश्र कार से पत्नी और बच्चों के साथ 4 मई को मुंबई से घर के लिए रवाना हुए।
इधर, बेटे के घर आने की जानकारी होने पर श्रीकांत मिश्र व पत्नी चंद्रकली मिश्रा ने पुश्तैनी मकान में उन्हें होम क्वारंटीन करने की योजना बनाई। खुद छोटे बेटे व बहू के साथ घर से लगभग एक किलोमीटर दूर गायत्री नगर में किराए पर कमरा लेकर रहने का निर्णय लिया।
श्रीकांत मिश्र ने बताया कि 6 मई को बेटे-बहू के मुंबई से आने से पहले ही हम परिवार के साथ गायत्री नगर मेें शिफ्ट हो गए। होम क्वारंटीन की अवधि के लगभग 12 दिन बीत चुके हैं। अब महज चंद दिन ही रह गए हैं। फिर पूरे परिवार के साथ पहले जैसे ही दिन गुजरेगा।