कुंडा में आयोजित भाजपा की जनसभा को संबोधित करते सीएम योगी आदित्यनाथ।
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कस्बे में सोमवार को हुई सभा में सीएम योगी आदित्यनाथ ने राजाभैया का नाम नहीं लिया। भाषण के दौरान वह भाजपा सरकार के कार्यों के बारे में बताते रहे। सपा-बसपा और कांग्रेस पर हमलावर हुए, लेकिन जनसत्ता दल और राजाभैया का नाम नहीं लिया। मुख्यमंत्री कानून-व्यवस्था पर जरूर बोले, लेकिन किसी का नाम नहीं लिया।
कौशाम्बी से भाजपा के लोकसभा प्रत्याशी विनोद सोनकर ने जनसत्ता दल के कई अज्ञात कार्यकर्ताओं पर मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि जनसत्ता दल के कार्यकर्ताओं ने उनके साथ अभद्रता की थी। मुकदमा दर्ज कराने के दौरान मुख्यमंत्री ने फोनकर उनका हालचाल लिया था। सियासी गलियारों में चर्चा थी कि सभा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दूसरे दलों के साथ जनसत्ता दल के संस्थापक राजाभैया पर सियासी बाण चला सकते हैं, लेकिन मुख्यमंत्री ने इससे पूरी तरह दूरी बनाए रखी।
उन्होंने सभा के दौरान एक बार भी राजाभैया का नाम नहीं लिया। इसको लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म था। सभा में भी प्रत्याशी विनोद सोनकर ने जनसत्ता दल को जनसताई दल का नाम देते हुए खूब भड़ास निकाली। साथ ही उन्होंने इस तरफ मुख्यमंत्री का ध्यान भी आकर्षित किया। बावजूद इसके अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने जनसत्ता दल और प्रत्याशियों पर कोई बयान नहीं दिया। हालांकि कानून व्यवस्था के नाम पर मुख्यमंत्री ने निष्पक्ष मतदान कराने की बात कही। साथ ही कहा कि वह जनता से भी निष्पक्ष चुनाव का आह्वान करते हैं।
मनगढ़ में योगी ने किया राधा-कृष्ण का दर्शन पूजन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हेलीकाप्टर भक्तिधाम मनगढ़ में उतरा। वहां उन्होंने मंदिर में जाकर राधा-कृष्ण सहित अन्य देवी देवताओं का दर्शन पूजन किया। इसके साथ ही कृपालुजी की समाधि भी देखी। इस दौरान वह मंदिर के पुजारी से जानकारी करते रहे।
मुख्यमंत्री के आने का कार्यक्रम पूर्व में भी निर्धारित हुआ था। प्रशासन हेलीपैड के लिए जगह ढूंढ रहा था, लेकिन बाद में पता चला कि भक्तिधाम मनगढ़ में हेलीपैड बना हुआ है। इस पर प्रशासन ने वहीं पर मुख्यमंत्री का उडनखटोला उतारने की व्यवस्था कर दी।
दोपहर में 12.50 पर मुख्यमंत्री भक्तिधाम मनगढ़ पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्होंने भक्ति मंदिर में राधा-कृष्ण का दर्शन किया। इसके साथ ही पूजन भी किया। उन्होंने मंदिर के पुजारी से मंदिर के बनने और उसमें आने वाले लोगों के बारे में जानकारी हासिल की। इसके बाद वह जल्द ही मंदिर से बाहर आए और कुंडा के लिए रवाना हो गए।