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प्रतापगढ़: पुलिस मुठभेड़ करती रही, भाग निकला 50 हजार का इनामी तौकीर

Fri, 05 Apr 2019 12:14 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
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बुधवार रात गायघाट रोड़ पर मुठभेड़ के वक्त बदमाशों को तलाशती पुलिस। - फोटो : प्रतापगढ़
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 जिला अस्पताल के करीब बुधवार आधी रात को नगर कोतवाल पर फायर कर भागे बदमाश से पुलिस की गायघाट के पास मुठभेड़ हो गई। इस दौरान पुलिस की गोली से एक बदमाश घायल हो गया, जबकि 50 हजार का इनामी तौकीर भाग निकला। घायल बदमाश को जिला अस्पताल लाया गया। हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने उसे प्रयागराज रेफर कर दिया। गुरुवार शाम को फिर उसे प्रयागराज से लाकर जेल भेज दिया गया। मौके से बाइक, पिस्टल व खोखे बरामद हुए।
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जिला अस्पताल गेट के करीब नगर कोतवाल रवींद्र श्रीवास्तव बदमाशों की तलाश में निकले थे। तभी स्वाट टीम प्रभारी भी आ गए। बातचीत के दौरान ही बाइक सवार दो बदमाश राजापाल की टंकी की ओर से बाइक लेकर तेजी से आते दिखाई दिए। पुलिस ने दोनों को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान बाइक पर पीछे बैठे बदमाश ने कोतवाल पर फायर झोंक दिया। पुलिस जब तक मोर्चा संभालती तब तक बदमाश चौक घंटाघर से सदर बाजार की ओर भागने लगे।

सदर बाजार में मकंद्रूगंज चौकी प्रभारी ने बदमाशों को रोकने का प्रयास किया तो उन पर भी उन्होंने फायर झोंका। चौकी प्रभारी ने भी जवाबी फायरिंग की, लेकिन बदमाश बेल्हा देवी मंदिर रोड से भुलियापुर होकर गायघाट की ओर भाग निकले। भुलियापुर में भी फायरिंग की। पुलिस पीछा करती रही। अंबेडकर चौराहे पर फिर बदमाश पुलिस पर फायर करते हुए आगे की ओर भागे। गायघाट पुल पार करते ही बदमाशों को पुलिस ने रोकने के लिए ओवरटेक किया।
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हड़बड़ाहट में दोनों बदमाश बाइक लेकर गिर पड़े। इसके बाद बदमाश पुलिस टीम पर फायरिंग करते हुए भागे। पुलिस की जवाबी फायरिंग में अंसार पुत्र नायब निवासी सरायवीरभद्र छत्ता का पुरवा के पैर में गोली लग गई और वह गिर पड़ा। जबकि 50 हजार का इनामी तौकीर भागने में कामयाब रहा। अंसार को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया। हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने प्रयागराज रेफर कर दिया।

शुक्रवार शाम को उसे जेल भेज दिया गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक एस आनंद, एएसपी पूर्वी अवनीश मिश्रा, सीओ सिटी अतुल शर्मा समेत भारी फोर्स अस्पताल पहुंची। इसके बाद घटनास्थल का निरीक्षण किया। जहां बाइक, हेलमेट व पिस्टल व कारतूस बरामद हुआ। एएसपी पूर्वी अवनीश मिश्र ने बताया कि अंसार पहली बार पुलिस की गिरफ्त मेें आया है। वह तौकीर का दाहिना हाथ है। अंसार व उसके साथियों से छत्ता का पुरवा में बुधवार की सुबह भी पुलिस मुठभेड़ हुई थी। उसके दो साथी हाथ लगे थे और दो भागने में कामयाब हो गए थे। उनकी तलाश पुलिस कर रही थी। 

एक बदमाश हाथ लगा और खुल गईं कई सनसनीखेज घटनाएं

पुलिस मुठभेड़ में घायल बदमाश को अस्पताल लेकर पहुंची पुलिस। - फोटो : प्रतापगढ़
 बेखौफ बदमाशों के आगे असहाय नजर आ रही पुलिस सनसनीखेज घटनाओं का खुलासा करने में हांफ रही थी। ताबड़तोड़ घटनाओं के बाद पुलिस ने एक बदमाश को पकड़ा और जिले की चर्चित कई घटनाओं का खुलासा कर दिया। मार्बल व्यापारी राजेश सिंह की हत्या का भी खुलासा हो गया।

पुलिस मुठभेड़ में हाथ लगे अंसार से पूछताछ के बाद कई सनसनीखेज घटनाओं का खुलासा पुलिस ने किया है। एएसपी पूर्वी अवनीश मिश्र ने बताया कि 23 जनवरी को मार्बल व्यापारी राजेश सिंह की हत्या उसके साथी तौकीर पुत्र हाफिज निवासी आजाद नगर, अतीक पुत्र रऊफ निवासी छत्ता का पुरवा पूरे केशवराय नगर कोतवाली समेत अन्य लोगों ने मिलकर की थी।

राजेश की हत्या जेल में निरुद्ध जैद के कहने पर की गई थी। कंधई इलाके का एक बदमाश भी घटना में शामिल था। जिसकी तलाश की जा रही है। नौ मार्च को अंजनी ऊमरवैश्य की दुकान पर काजू व पैसे की लूट घटना को तौकीर, अतीक ने जैद के भेजे एक अज्ञात युवक के साथ मिलकर की थी।

भागने के दौरान रोकने पर पड़ोसी अशोक शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। 16 मार्च को बंधन बैंक मीराभवन में तौकीर, अतीक व अतीक के एक अज्ञात साथी ने सवा लाख रुपये लूटे थे। रेकी अंसार ने की थी। जैद ने जेल से लूट की प्लानिंग की थी। 26 मार्च को मार्बल कारोबारी हरि गौरव से तौकीर ने दस लाख रंगदारी मांगी थी। रुपये न मिलने पर 31 मार्च को अंसार व अतीक ने हरि गौरव की दुकान पर धावा बोला।

अंसार बाइक चला रहा था और अतीक ने दहशत फैलाने के लिए फायर किया। 29 मार्च को तौकीर व अतीक ने मिलकर गायघाट पुल पर रोहित सिंह को गोली मार दी थी। 2 अप्रैल को सदर बाजार के किराना व्यापारी अंजनी ऊमरवैश्य से पांच लाख रुपये रंगदारी मांगी थी। कुछ रुपये उसने बुधवार को देने के लिए कहा था।

हालांकि इलाके में इस बात की चर्चा होती रही कि अंसार को पुलिस व स्वॉट टीम तीन दिन पहले ही पकड़कर ले गई थी। उसे गोली लगने की बात बताई जा रही थी, लेकिन पुलिस इनकार करती रही। उससे लगातार पूछताछ की जा रही थी।
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लोगों के गले नहीं उतर रही पुलिस की थ्योरी, कोतवाल पर फायरिंग व बदमाशों के भागने को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गर्म

बुधवार रात गायघाट रोड़ पर मुठभेड़ के वक्त बाइक बरामद - फोटो : प्रतापगढ़

 मार्बल व्यापारी राजेश सिंह की हत्या का खुलासा करने वाली पुलिस व स्वॉट टीम थ्योरी लोगों के गले नहीं उतर रही है। पुलिस ने एक बदमाश को पकड़ा और घटना का खुलासा कर दिया। मार्बल व्यापारी की हत्या की वजह तक पुलिस नहीं बता सकी। तर्क है कि गोली मारने वाले बदमाशों के मिलने के बाद ही वजह का पता चलेगा। जिला अस्पताल के पास कोतवाल पर फायरिंग करने के बाद कई जगहों पर पुलिस का चक्रव्यूह भेदने की बात भी किसी की समझ में नहीं आ रही।


सदर बाजार निवासी मार्बल कारोबारी राजेश सिंह की हत्या का खुलासा करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक अवनीश मिश्र ने बताया कि कंधई के रहने वाले एक बदमाश ने तौकीर से सेटिंग कर भाड़े पर हत्या करने के लिए राजी किया था। वह अभी घर से भागा हुआ है। उसकी तलाश की जा रही है। पहले अतीक ने राजेश को गोली मारी थी और बाद में तौकीर ने। बाइक लेकर अंसार बाहर खड़ा था।

इतनी जानकारी देने वाले पुलिस अफसर यह नहीं बता सके कि राजेश की हत्या की असली वजह क्या थी। जबकि गोली मारने वाले बदमाशों की बाइक चलाने वाला पुलिस के हाथ लगा। फिर भी घटना की वजह का पता नहीं चल सका। जो रुपये मिले थे उसका बंटवारा भी हो गया। जिन बदमाशों की तलाश में पुलिस, क्राइम ब्रांच संग एसटीएफ ने जाल बिछा रखा था, वह जिला अस्पताल के करीब भीड़भाड़ वाले इलाके में शहर कोतवाल पर फायर झोंकते हुए शहर का चक्कर लगाकर भागते रहे।

तेजतर्रार पुलिस ने कई जगहों पर घेराबंदी भी की, लेकिन बदमाश उनके चक्रव्यूह को तोड़ते हुए भागते रहे। पुलिस की कहानी को लेकर इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म है। पुलिस की दलील किसी के गले नहीं उतर रही। पुलिस पर फायर करने के बाद बाइक सवार बदमाश इतनी दूर तक कैसे भाग सकते हैं। दो पुलिस चौकी प्रभारी और भुलियापुर चेकपोस्ट पर तैनात पुलिसकर्मी भी उन्हें रोकने में नाकाम रहे। 
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