शिवगढ़ विकास खंड के संडौरा गांव निवासी सगीर अहमद ने कुरैशी जाति का प्रमाणपत्र बनवाकर प्रधानी का चुनाव लड़ा। भारी मतों से जीत दर्ज करने पर गांव के ही जयप्रकाश चौरसिया ने जिला प्रशासन से शिकायत कर आरोप लगाया कि सगीर अहमद पठान जाति के हैं।
कुरैशी जाति का फर्जी प्रमाणपत्र बनवाकर प्रधानी हासिल करने वाले पर हाईकोर्ट की फटकार के बाद अफसरों की गाज गिरी है। अफसरों ने उसका फर्जी प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया है।
विज्ञापन
शिवगढ़ विकास खंड के संडौरा गांव निवासी सगीर अहमद ने कुरैशी जाति का प्रमाणपत्र बनवाकर प्रधानी का चुनाव लड़ा। भारी मतों से जीत दर्ज करने पर गांव के ही जयप्रकाश चौरसिया ने जिला प्रशासन से शिकायत कर आरोप लगाया कि सगीर अहमद पठान जाति के हैं, जो सामान्य की श्रेणी में आती है। उन्होंने फर्जी ढंग से पिछड़ी जाति का प्रमाणपत्र बनवा लिया है। पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी ने इस फाइल को दबा दिया।
इस पर पीड़ित ने उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट की फटकार के बाद अफसरों को फाइल याद आई। तहसीलदार रानीगंज से अविलंब आख्या मांगी। कागजी साक्ष्य में यह साबित हो गया कि प्रधान सगीर अहमद समान्य जाति के हैं। इस पर अधिकारियों ने पिछड़ी जाति का प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया। डीपीआरओ रविशंकर द्विवेदी ने बताया कि विभाग को अभी आदेश नहीं मिला है, फिलहाल जल्द ही खाता सीज कराया जाएगा।