गेहूं की फसल में ओलावृष्टि, बारिश, आंधी-तूफान से भारी नुकसान झेल चुके जिले के किसानों को अब धान की फसल में भी राहत के आसार नहीं दिख रहे हैं। दरअसल आगामी फसलों पर अब पाकिस्तान से आए टिड्डी दल का खतरा मंडरा रहा है।
इसे लेकर कृषि विभाग अलर्ट हो गया है। झुंड में चलने वाला यह दल हरी फसलों की हरी पत्तियां को चंद मिनटों में चट कर जाता है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि राजस्थान, पंजाब, मध्य प्रदेश के साथ टिड्टी दल यूपी के ललितपुर तक दस्तक दे दी है। कृषि विशेषज्ञ इसकी रोकथाम को लेकर अब किसानों से सीधा संवाद करेंगे।
जिले में साढे़ चार लाख पंजीकृत किसान हैं। कृषि विभाग के आंकड़ों के अुनसार जिले में 98 हजार हेक्टेअर में धान की खेती होती है। जिले के लालगंज, पट्टी, कुंडा, रानीगंज व सदर सहित सभी तहसीलों में धान की खेती किसान प्रमुख रूप से करते हैं। इस बार गेहूं की फसल में किसानों को ओला, बारिश व तूफान की मार झेलनी पड़ी।
किसान अब इसकी भरपाई करने के लिए धान की फसलों की तैयारी में जुटे हैं। मगर पाकिस्तान के टिड्डी दल की दस्तक से उनकी मुश्किल बढ़ सकती है। जिला कृषि विभाग भी इसे लेकर चौकन्ना हो गया है। जिले में इसकी रोकथाम को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। जिला कृषि अधिकारी डा. अश्वनी सिंह ने बताया कि टिड्टी दल पाकिस्तान में पाया जाता है।
यह हरी पत्तियों की फसलों का दुश्मन है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान से टिड्डी दल ने राजस्थान, पजंाब व मध्य प्रदेश होते हुए अब यूपी में भी दस्तक दे चुका है। यूपी के ललितपुर पहुंच चुका है। इसकी रोकथाम को लेक र कृषि विभाग अलर्ट हो चुका है। आगामी धान की फसल है। इसके अलावा नगदी फसलों की भी खेती किसान करते हैं। उन्हें सतर्कता बरतनी होगी।
ऐसे होंगे नियंत्रित
जिला कृषि अधिकारी डा. अश्वनी सिंह ने बताया कि पांच फीसद ईसी या मैलाथियान 50 फीसदी की एक मिलीलीटर दवा प्रति लीटर पानी में घोलकर या क्लोरोपाईफॉश 20 फीसद ईसी की ढाई मिलीलीटर दवा प्रति लीटर पानी में घोलकर हाईवाल्यूम स्प्रेयर से स्प्रे करें।
100 किमी प्रति घंटा है रफ्तार
टिड्डी दल की रफ्तार 100 किमी प्रति घंटा है। यही कारण है कि पकिस्तान, पंजाब, राजस्थान, मध्यप्रदेश के बाद अब यूपी में भी इसकी दस्तक हो चुकी है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि ललितपुर पहुंचने के बाद से कृषि विभाग अब अलर्ट हो गया है।