शहर के किसी मुहल्ले में अगर कोरोना के मरीज मिलते हैं तो अब एक किमी की परिधि का हिस्सा नहीं, बल्कि 250 मीटर के दायरे को ही सील किया जाएगा। ग्रामीण इलाकों में अगर एक राजस्व गांव में मरीज मिलता है तो सिर्फ गांव को ही सील किया जाएगा। अभी तक हॉटस्पॉट इलाके 28 दिन के लिए सील होते थे, मगर अब नया मरीज न मिलने पर 21 दिन में ही छूट दे दी जाएगी।
लॉकडाउन के चौथे चरण में भी 65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग और दस से कम आयु के बच्चों को राहत नहीं मिली है। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष दशा में ही घर से बाहर निकलने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि कोरोना वायरस का संक्रमण बुजुर्गों और बच्चों के लिए अधिक भारी पड़ रहा है।
इधर, अभी तक कोरोना के मरीज मिलने पर एक किमी की परिधि को सील कर दिया जाता था, मगर लॉकडाउन के चौथे चरण में 250 मीटर एरिया सील करने को कहा गया है।
अगर किसी गांव में कोरोना मरीज मिलते हैं तो केवल वही राजस्व गांव सीज होगा जहां मरीज मिले हैं। अभी तक एक किमी की परिधि को सील कर दिया जाता था। इधर, हॉटस्पॉट इलाकों की समय सीमा भी घटा दी गई है।
अभी तक हॉटस्पॉट एरिया को 28 दिन के लिए सील किया जाता था, मगर नए आदेश में 21 दिन ही सील करने को कहा गया है। कुंडा स्थित बरई हॉटस्पॉट को सोमवार को 21 दिन पूरा होने पर समाप्त कर दिया गया है। एडीएम शत्रोहन वैश्य ने बताया कि प्रदेश सरकार की नई गाइड लाइन में यह व्यवस्था की गई है।