पुलिस मुठभेड़ व जानलेवा हमले के मामले में फरार चल रहे गैंगस्टर देवसरा ब्लाक प्रमुखपति सभापति यादव व उसके भाई सुभाष यादव के खिलाफ न्यायालय से गैरजमानतीय वारंट जारी हुआ है।
अब पुलिस उसकी संपत्ति कुर्क करने की तैयारी में जुट गई है। वहीं दूसरी ओर कैबिनेट मंत्री मोती सिंह का एनकाउंटर करने की धमकी देने वाला सभापति का कथित भांजा सात दिन बाद भी पुलिस के हाथ नहीं लगा। पुलिस ने धमकी देने के दौरान उसके साथ रहे नौ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
आसपुर देवसरा ब्लॉक की प्रमुख माधुरी देवी के पति सभापति यादव व उसके भाई जिला पंचायत सदस्य सुभाष यादव के खिलाफ 6 अगस्त को पट्टी कोतवाली में जानलेवा हमले व पुलिस से मुठभेड़ समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। दोनों फरार हैं।
पुलिस ने दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी सुरेंद्र प्रसाद द्विवेदी ने बताया कि फरार चल रहे सभापति व सुभाष के खिलाफ शुक्रवार को न्यायालय से गैर जमानतीय वारंट जारी हुआ है। अब शीघ्र ही कुर्की की कार्रवाई होगी। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की गई हैं। संभावित स्थानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
दूसरी ओर 7 सितंबर को सभापति के घर पर जुटी भीड़ में मौजूद सुलतानपुर के कादीपुर थाना क्षेत्र के करौंदी कला निवासी चंदन यादव उर्फ बग्गड़ ने कैबिनेट मंत्री मोती सिंह को एनकाउंटर करने की धमकी दी थी।
चंदन यादव की तलाश में दबिश दी जा रही है। धमकी के दौरान मौजूद अरुण यादव, राजमण माली निवासी खरमुजाई थाना लंभुआ, शिवमोहन यादव निवासी भगौतीपुर, दिनेश यादव निवासी अभियेकला, मुकेश यादव निवासी बरूई, जयसिंह यादव निवासी त्रिलोकचंद्रपुर, अजय यादव निवासी खालिसपुर, विक्रम यादव निवासी खालिसपुर जनपद सुलतानपुर व अरविंद यादव निवासी तरसड़ा बक्शा जौनपुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।