चंडीगढ़ से दोस्त के साथ कोरोना पाजिटिव के गांव पहुंचने के मामले में बड़ी लापरवाही सामने आई है। पीड़ित व उसके दोस्त को प्रशासन ने अस्पताल तो भेज दिया, लेकिन ग्रामीणों की थर्मल स्क्रीनिंग नहीं कराई गई। कोरोना पीड़ित जहां रुका था, उस जगह को सील भी नहीं कराया गया।
उदयपुर थाना क्षेत्र के रेहुआ पूरे नेवली निवासी युवक चंडीगढ़ में रहता था। वहां वह कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गया। उसने चंडीगढ़ में जांच भी कराई, लेकिन रिपोर्ट आने से पहले ही वह बाइक से दोस्त के साथ मंगलवार को गांव आ गया। इसकी जानकारी चंडीगढ़ प्रशासन के माध्यम से स्थानीय प्रशासन को हुई तो हड़कंप मच गया।
जानकारी होने पर पूरे नेवली के प्राथमिक विद्यालय पहुंचे कोरोना पीड़ित को पांच घंटे बाद प्रयागराज भेज दिया गया। दूसरे दिन शाम को उसके दोस्त को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। पांच घंटे तक कोरोना पीड़ित व बीस घंटे तक उसके साथ आया दोस्त पूरे नेवली में रहा, लेकिन इसके बाद भी प्रशासन ने एक भी ग्रामीण की थर्मल स्क्रीनिंग नहीं कराई।
जबकि जिले में अभी तक जहां भी मरीज मिले, उस जगह को तीन किलोमीटर तक सील करते हुए हजारों लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग कराई जाती है। कई लोगों का सैंपल भी जांच के लिए भेजा जाता है। लेकिन उदयपुर के पूरे नेवली में कोरोना पाजिटिव के पहुंचने के बाद ऐसा कुछ नहीं हुआ।
प्रशासन का तर्क है कि कोरोना पीड़ित सीधे स्कूल पहुंचा था। वह किसी से भी नहीं मिला। जिससे गांव को सील करने व थर्मल स्क्रीनिंग की जरूरत नहीं है। लेकिन यह बाद ग्रामीणों को हजम नहीं हो रही है।