सरकार की मंशा पर बेल्हा के अफसर ही पानी फेर रहे हैं। बढ़ रहे सड़क हादसों को देखते हुए शासन ने लाखाें रुपये खर्च कर चौराहों पर यातायात संकेतक लगवाया था। रात में यह संकेतक वाहन सवार लोगों को अलर्ट करते रहते थे। इससे वाहन चालक को चौराहे के बारे में जानकारी मिल जाती थी। मगर चौराहों पर लगे संकेतकों को चोर काट कर उठा ले गए।
जिले में यातायात व्यवस्था चरमरा गई हैं। नियम के विपरीत लोगों ने आवागमन बना रखा है। इससे सड़क हादसे का ग्राफ दिनोंदिन बढ़ता ही जा रहा है। दिन में यह पाइप जैसे दिखाई पड़ता था और रात में चालकों को अलर्ट करती थी। इनमे सौर उर्जा पैनल सेट किया गया था।
चौराहों के बगल स्थित चौकी के सिपाही रात में सोते रहे और संकेतक सिंगनल को चोर काट कर उठा ले गए। इसकी भनक किसी को नहीं लगी। यह एक नहीं शहर के जिन-जिन चौराहों पर लगाया गया था सभी चौराहों से यह गायब हो गया है। इससे ज्यादातर एक्सीडेंट चौराहे के पास हो रहा है। सप्ताह भर पहले अम्बेडकर चौराहे पर रखहा क्षेत्र के राजू व रामसुरेमणि को प्राइवेट बस ने टक्कर मार दी थी। इससे वे दोनों जख्मी हो गए थे। भंगवा चुंगी पर संकेतिक लाइट गायब होने से दो बार ट्रक चौराहे पर चढ़ गई थी। कई लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों की नींद नहीं टूट रही है। इस मामले में यातायात प्रभारी संतोष यादव ने बताया कि संकेतक चोरी नहीं हुए हैं बल्कि भारी वाहनों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। जिससे वे टूटकर निकल गए। हादसे रोकने के लिए फिर से संकेतक लगवाए जाएंगे।