दलित महिला व उसके परिवार के लोगों से मारपीट के मामले में जेल भेजे गए सपा जिलाध्यक्ष छविनाथ यादव की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब प्रशासन ने उनके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की है। पुलिस ने उनके घर पर इसका नोटिस चस्पा किया है। दलित महिला के साथ मारपीट के मामले में आरोप पत्र भी न्यायालय में दाखिल कर दिया गया है।
मानिकपुर थाना क्षेत्र के करेंटी निवासी समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष छविनाथ यादव पर बुलाकीपुर गांव की एक दलित महिला नेे अभद्रता और मारपीट का आरोप लगाया था। 10 सितंबर को तहरीर मिलने पर पुलिस ने छविनाथ के खिलाफ बलवा, मारपीट, गालीगलौज, धमकी देने समेत एससीएसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज कर लिया।
दूसरे दिन 12 सितंबर की सुबह पुलिस ने पीड़िता का बयान लिया और विवेचना आगे बढ़ाते हुए उसमें दूसरे की जमीन कब्जा कराने की धारा बढ़ा दी। कुछ देर बाद छविनाथ यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और उनका चालान न्यायालय भेज दिया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। मुकदमेेेेे की विवेचना 13 सितंबर को पूरी कर ली गई थी। जिसमें सपा जिलाध्यक्ष छविनाथ यादव व उनके गनर रामसिंह यादव को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया है।
14 सितंबर को जिलाध्यक्ष व उनके गनर का अपराधिक इतिहास खंगाला गया। जिलाध्यक्ष पर गंभीर धाराओं में 17 मुकदमे दर्ज थे। मानिकपुर थानाध्यक्ष की रिपोर्ट पर जिलाधिकारी डा. रुपेश कुमार ने उन पर गैंगस्टर लगाने की संस्तुति कर दी। छविनाथ व उनके सुरक्षाकर्मी रामसिंह पर गैंगस्टर की कार्रवाई करते हुए पुलिस ने घर पर नोटिस चस्पा कर दिया। कुंडा सीओ जितेंद्र सिंह ने बताया कि एससीएसटी एक्ट की विवेचना में चार्जशीट लग गई है। संगठित अपराध होने के कारण गैंगेस्टर की कार्रवाई की गई है। छविनाथ थाने का हिस्ट्रीशीटर भी है।
छविनाथ की संपत्तियों की जांच की तैयारी
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष की मुश्किलें अभी और भी बढ़ सकती हैं। गैंगस्टर के तहत उनकी संपत्ति की जांच के बाद कुर्क करने की कार्रवाई की आशंका भी जताई जा रही है। मारपीट के मामले में शुरू हुई कार्रवाई अब थमती नजर नहीं आ रही। उनके आय के श्रोतों को खंगालने के साथ ही दो गांवों में विकास कार्यों पर खर्च हुई धनराशि का ब्यौरा भी खंगालने की तैयारी प्रशासिनक अमला कर रहा है।
मानिकपुर थाना क्षेत्र के करेंटी निवासी समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष छविनाथ यादव पर दो दर्जन से अधिक मुकदमे हैं। इसमें एक दर्जन गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। जिसमें गिरफ्तारी भी की जा सकती थी। बावजूद इसके अब तक उन्हें नहीं गिरफ्तार किया गया था। 10 सितंबर को एक दलित महिला ने मानिकपुर थाने में तहरीर देकर बलवा, मारपीट, धमकाने सहित एससीएसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज करा दिया था।
इसके बाद पुलिस ने काफी तेजी पकड़ ली। मुकदमे में गिरफ्तारी की धारा न होने के चलते तुरंत बयान लेकर विवेचना में धाराएं बढ़ाकर गिरफ्तारी कर ली गई। अब गैंगस्टर की कार्रवाई हुई है। इसके तहत उनकी संपत्तियों की जांच करने के बाद कुर्क करने की कार्रवाई की आशंका जताई जा रही है। उनकी आय के श्रोत का भी पता लगाया जाएगा। सपा नेता के करीबियों पर भी गाज गिरने की आशंका जताई जा रही है। दो गांवों में प्रधानी भी छविनाथ यादव के परिवार में ही है।
तहसीलदार ने कराई विवादित जमीन की माप
ग्रामसभा की जमीन पर कब्जा करने को लेकर हुए विवाद में तहसीलदार ने माप कराई है। इसके साथ ही ग्रामसभा की जमीन का सीमांकन कर दिया गया है। इसकी रिपोर्ट भी बना ली गई है। मानिकपुर थाना क्षेत्र के मऊदा1रा में मोहम्मदघ शमीम को एक विस्वा आवासीय पट्टा मिला था। उसके बगल में ही एक अन्य व्यक्ति ग्रामसभा की जमीन पर कब्जा कर रहा था। इसको लेकर कई बार विवाद हो चुका था।
इसी जमीन की पैमाइश के लिए पांच दिन पहले लेखपाल आया था। पैमाइश के दौरान विवाद हो गया। माप प्रभावित होने पर लेखपाल ने सपा जिलाध्यक्ष को फोन किया। उनके मौके पर पहुंचने पर विवाद का आरोप लगा और वह जेल भेज दिए गए। इधर शमीम ने मानिकपुर थाने में तहरीर दी थी। तहसीलदार रामजनम यादव ने सोमवार को मौके पर पहुंचकर लेखपालों से पैमाइश कराई। इसके साथ ही जमीन का सीमांकन भी कराया। अभी इसकी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है।