रानीगंज के सीएचसी कहला का निरीक्षण करते सीएमओ एके श्रीवास्तव।
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प्रतापगढ़। संडवाचंद्रिका सीएचसी का गुरुवार को डीएम ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान दो कर्मचारी गायब मिले। वहीं सीएचसी रानीगंज, गौरा और कहला का सीएमओ ने निरीक्षण किया। तीनों अस्पतालों में जहां गंदगी का अंबार लगा हुआ था वहीं कई डॉक्टर ड्यूटी से गायब मिले। एक दिन का वेतन रोकने के साथ गायब डॉक्टरों और कर्मचारियों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
जिलाधिकारी मार्कण्डेय शाही गुुरुवार दोपहर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संडवाचंद्रिका का निरीक्षण करने पहुंच गए। इस दौरान एक्सरे टेक्नीशियन एकता सिंह, एमपीडब्लू विपिन कुमार अनुपस्थित पाए गए। जिस पर जिलाधिकारी ने दो कर्मचारियों के वेतन भुगतान पर रोक लगाने का निर्देश सीएमओ को दिया। डीएम ने गंदगी देखकर सीएचसी अधीक्षक को फटकार लगाई। वहीं सीएमओ अरविंद कुमार श्रीवास्तव ने रानीगंज सीएचसी का निरीक्षण किया। निरीक्षण में चौकीदार रामशिरोमणि तिवारी, स्वास्थ्य कर्मचारी जसीन खान, अफरोज जावेद, शिवम गौतम अनुपस्थित पाए गए। गौरा सीएचसी में डॉक्टर जबर सिंह, डॉक्टर प्रज्ञा मौर्य अनुपस्थित मिलीं।
सीएचसियों में नहीं हो रहा आयुष्मान भारत के पात्र मरीजों का इलाज
रानीगंज, गौरा सीएचसी में आने वाले आयुष्मान भारत के पात्र मरीजों का इलाज नहीं किया जा रहा हैं। मरीजों को रेफर कर दिया जा रहा है। दरअसल अभी यहां अलग से वार्ड तैयार नहीं किया गया है। इस पर सीएमओ ने दोनों अधीक्षक को फटकार लगाई। इसके साथ ही सीएमओ ने कहा कि यदि अस्पताल के आसपास अवैध रूप से क्लीनिक, नर्सिँगहोम या फिर पैथालॉजी पाया जाता है तो सीएचसी अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।