शटडाउन पर उठे सवाल
हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि राम बहादुर यादव अकेले ही ट्रांसफार्मर ठीक करने गए थे। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या कार्य शुरू करने से पहले विद्युत उपकेंद्र से 'शटडाउन' लिया गया था या नहीं? यदि शटडाउन लिया गया था, तो लाइन में करंट कैसे आया? लापरवाही के इन गंभीर सवालों ने विभाग की कार्यशैली को कठघरे में खड़ा कर दिया है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
राम बहादुर यादव अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। दो बेटी काजल (18) मधु (10) व एक बेटा सुमित (17) हैं। हादसे की खबर जैसे ही उनके घर पहुंची, पत्नी और बेटे की चीख-पुकार से पूरा गांव गमगीन हो गया। मृतक के घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और वे न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही कंधई थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति का जायजा लेने के बाद शव को ट्रांसफार्मर से नीचे उतरवाकर अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और विभागीय जांच के बाद ही मौत के सही कारणों और लापरवाही की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इस घटना ने एक बार फिर बिजली विभाग के कर्मचारियों की सुरक्षा और फील्ड में काम करने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर बहस छेड़ दी है।