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अब बढ़ेगा शहर का दायरा

Wed, 02 Mar 2016 12:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
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शहर के सीमा विस्तार की कवायद एक बार फिर तेज हो गई है। जिलाधिकारी के आदेश पर नपा प्रशासन ने सीमा से सटे गांवों की नई रिपोर्ट बनाकर भेजी है। जिसे अमल में लाने के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
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नगर पालिका के 25 वार्डों की आबादी करीब 76 हजार है। इससे शासन से शहरियों के उत्थान के लिए अधिक ग्रांट नहीं मिल पाती। इसे ए क्लास की नगर पालिका का दर्जा भी नहीं मिल सका है। इसमें सबसे बड़ी अड़चन आबादी की है। जबकि शहर की सीमा से सटे गांवों में शहरी सुविधाओं का लाभ लोग उठा रहे हैं।

जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह ने नगर पालिका प्रशासन से शहर से लगे गांवों को शहर में जोड़ने की कवायद की जानकारी ली। पता चला कि कई वर्ष पहले पूर्व एसडीएम संजय खत्री ने शहर से सटे गांवों का चिन्हांकन कराकर उसे नगर पालिका में शामिल करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा था, लेकिन वह फाइल उनके जाने के बाद ही ठंडे बस्ते में चली गई थी। जिलाधिकारी के सुझाव पर नगर पालिका के ईओ अवधेश तिवारी ने शहर की सीमा विस्तार से जुड़ी फाइल तलब की।
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जिस पर अध्ययन करने के बाद नए सिरे से रिपोर्ट तैयार कर उसे जिलाधिकारी के पास भेजा गया है। संभावना जताई जा रही है कि यदि शहर से सटे गांवों को नगर पालिका में शामिल कर लिया जाएगा तो आबादी एक लाख से अधिक हो जाएगी और इसे ए श्रेणी की नगर पालिका दर्जा मिल सकेगा। जिससे शासन से शहर के विकास के लिए अधिक मदद मिल सकेगी।

इन गांवोें को शामिल करने का है प्रस्ताव
नगर पालिका के सीमा विस्तार की कवायद तेज करने वाले अधिकारियों ने राजस्व विभाग की टीम की संस्तुति पर शहर से लगे हुए गांवों का चयन किया है। जिसमे ग्राम सभा पूरे ईश्वरनाथ, सगरा, सैयाबांध, रूपापुर, जोगापुर, भंगवा, देवकली, पूरेनरसिंहभान, जिरियामऊ, करनपुरकरमचंदा, कादीपुर, दहिलामऊ के साथ ही आंशिक रूप से टेऊंगा व गोपालापुर के कुछ हिस्से भी शामिल किए जाएंगे। इन गांवों को जोड़ने के बाद शहर का क्षेत्रफल 3604.520 हो जाएगा। अभी तक शहर क्षेत्रफल 300.195 ही है।

पहले ग्राम सभाओं से नहीं मिल सकी थी एनओसी
पूर्व जिलाधिकारी नीतिश्वर कुमार ने नगर पालिका के सीमा विस्तार की कवायद वर्ष 2009 में प्रारंभ की थी। उन्होंने नगर विकास विभाग को भी प्रस्ताव भी भेजा था। एसडीएम सदर को ऐसी ग्रामसभाओं से एनओसी लेेने के लिए भी कहा था। कुछ ग्राम सभाओं से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिल गया, लेकिन कई ग्रामसभाओं से नहीं मिल सका। बाद में जिलाधिकारी के तबादले के बाद यह कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई।

आबादी लाख के पार हुई तो बढ़ जाएगी ग्रांट
आला अधिकारी शहर के विकास से संतुष्ट नहीं है। शासन से जो बजट मिल रहा है उससे अपेक्षित विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। इसके पीछे नगर पालिका के 25 वार्डों की आबादी कम होना बताया जा रहा है। नगर पालिका ने कई बार सर्वे कराया, लेकिन आबादी नाममात्र की ही बढ़ी। सूत्रों की मानें तो शहर की आबादी एक लाख से ऊपर हो जाएगी तो शासन से मिलने वाला बजट स्वत: ही बढ़ जाएगा। जिसका फायदा शहरवासियों को मिलेगा।  विकास कार्यों के साथ ही दूसरे भी संसाधन शहरियों के लिए उपलब्ध कराया जा
सकते हैं।

वर्ष 2009 में नगर पालिका सीमा विस्तार के लिए फाइल शासन को भेजी गई थी। जिसे बाद में किन्हीं कारणों से रोक दिया गया था। जिलाधिकारी के आदेश पर नए सिरे से शहर से सटे गांवों को नगर पालिका की सीमा में शामिल करने के लिए रिपोर्ट भेजी गई है।
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अवधेश यादव, अधिशाषी अधिकारी, नगर पालिका
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