शहर के हादीहाल के बगल स्थित सिद्धार्थ मल्टीकाम्पलेक्स में स्थित रिलायंस
इंश्योरेंस के कार्यालय में मंगलवार की रात सवा नौ बजे शार्ट सर्किट के
कारण अचानक आग लग गई। इससे मल्टीकाम्पलेक्स स्थित होटल में भगदड़ मच गई।
सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस की मदद से फायरब्रिगेड कर्मियों ने किसी तरह
आग पर काबू पाया। तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली।
सिद्धार्थ
मल्टीकाम्पलेक्स में आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस इंश्योरेंस का कार्यालय, 24
कमरों वाला होटल और रेस्टोरेंट है। मंगलवार की रात सवा नौ बजे रिलायंस
इंश्योरेंस के कार्यालय में अचानक शार्ट सर्किट से आग लग गई। कार्यालय पूरी
तरह से शीशों से बंद था। इसलिए धीरे-धीरे धुआं पूरे कार्यालय में भर गया।
कुछ ही देर मेें आग की लपटें उठने लगीं तो रेस्टोरेंट के साथ ही होटल के
कर्मचारियों की नजर पड़ी। होटल में आग लगने का शोर मचते ही भगदड़ मच गई।
रेस्टोरेंट में खाना खाने के लिए बैठे लोग बाहर की ओर भागे।
उनकी चीख सुनकर
होटल के नौ कमरों में रुके बाहर से आए हुए लोग भी भागे। सूचना मिलने पर
फायरब्रिगेड के साथ ही नगर कोतवाल हरपाल सिंह यादव चौकी प्रभारियों के साथ
मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बंद कार्यालय का शीशा तोड़ा। तब जाकर फायर
कर्मियों ने आग बुझाना शुरू किया। तब तक पूरे परिसर में धुआं फैल गया। करीब
आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। तब जाकर लोगों ने राहत
की सांस ली। नगर कोतवाल ने बताया कि रिलायंस इंश्योरेंस कंपनी के कार्यालय
में शार्ट सर्किट से आग लगने की बात सामने आ रही है। छानबीन की जा रही है।
इंस्पेक्टर का हैंडसेट लेकर होटल मालिक बन बैठा युवक
सिद्धार्थ
होटल में लगी आग बुझाने के दौरान मीडियाकर्मी प्रबंधक से होटल में रुकने
वालों की जानकारी लेने लगे। तभी हाथ में पुलिस का वायरलेस हैंडसेट लेकर एक
युवक पहुंचा और खुद को होटल का मालिक बताते हुए बाहरी लोगों के रुकने वाले
रजिस्टर को बंदकर दराज में रखवा दिया। लोगों ने उससे सवाल पूछा तो वह दबंगई
पर उतर आया। बोला कि इंस्पेक्टर का वायरलेस हैंडसेट मेरे पास है। मैं कोई
ऐसा वैसा नहीं हूं। वह सवाल पूछने वाले लोगों को अर्दब में लेने की कोशिश
करने लगा। जिसका मीडियाकर्मियों ने खुलकर विरोध किया। बाद में हैंडसेट लेकर
वह वहां से भाग निकला। लोगों ने बताया कि होटल के मालिक शिवशंकर सिंह भोले
हैं।
होटल सिद्धार्थ में लगी आग
बुझाने के लिए पहुंचे पुलिसकर्मियों के साथ ही फायरब्रिगेड के लोगों को
मशक्कत करनी पड़ी। नगर कोतवाल ने पहले तो डंडे से शीशा तोड़ने की कोशिश की,
लेकिन कामयाबी नहीं मिली। इसके बाद फायरब्रिगेड वालों ने पाइप के लोहे से
मारकर शीशा कई स्थानों पर तोड़ा। तब जाकर आग बुझाई जा सकी।
होटल
सिद्धार्थ के पहले मंजिल पर स्थित रिलायंस इंश्योरेंस का कार्यालय स्थित
है। ठीक उसी से चंद कदम पर रेस्टोरेंट के साथ ही किचेन भी है। यदि आग भड़की
होती और किचेन तक पहुंचती तो बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता
था। होटल सिद्धार्थ
के रिलायंस इंश्योरेंस कार्यालय में लगी आग के बाद उठे धुंए के गुबार से
लोगों की सांस फूलने लगी। पूरे परिसर में हर ओर धुआं ही धुआं नजर आ रहा था।
किसी को सामने कुछ दिखाई नहीं पड़ रहा था। रेस्टोरेंट व किचेन में काम कर
रहे लोग भी अपनी जान बचाने के लिए भाग निकले थे। फायरब्रिगेड कर्मियों के
साथ ही पुलिसवालों की सांस भी धुएं के चलते फूलने लगी थी। परिसर के बाहर भी
धुआं ही धुआं नजर आ रहा था। सैकड़ों की तादात में तमाशबीनों का जमघट लगा
रहा।