भाजपाइयों ने आम बजट को गरीबों का बजट बताया। वहीं, महिलाओं और कांग्रेसियों ने तीखी आलोचना की है। भाजपाइयों का दावा है कि यह बजट वर्ष 2022 में किसानों की आय दोगुनी करने के लिए पेश किया गया है।
केंद्रीय बजट में महिलाएं अपने को उपेक्षित महसूस कर रही हैं। बजट को लेकर महिलाओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। गृहणी ज्योति सिंह ने सोना, हीरा, ब्यूटी पार्लर और रेस्तरां में खाना महंगा होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं के साज-सज्जा के सामानों दाम में बढ़ोतरी करके केंद्र सरकार ने उनकी उपेक्षा की है। शिक्षिका स्मृति मिश्रा ने कहा कि मोदी सरकार से महिलाओं को काफी उम्मीद थी।
मगर इस बजट ने महिलाओं के साथ धोखा किया है। शिक्षिका प्रसून सिंह ने बजट को लेकर कहा कि सरकार एक तरफ महंगाई रोकने का दावा कर रही है और दूसरी तरफ सर्विस टैक्स बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि सर्विस टैक्स बढ़ाने से खाने-पीने की सभी सामग्रियां मंहगी हो जाएंगी। गृहणी कनक अग्रवाल ने कहा कि महिलाओं के शृंगार के सामान महंगे कर सरकार ने अन्याय किया है। गृहणियों का सामान खरीदने के लिए पुरुष वैसे भी आना-कानी करते हैं, महंगाई बढ़ने से उन्हें एक और बहाना मिल जाएगा।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष कपिल द्विवेदी ने बजट को महंगाई बढ़ाने वाला बताते हुए कहा कि मोबाइल और इंटरनेट की दरें महंगी होने से इसका सीधा असर आम आदमी पर पडे़गा। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का सपना था कि देश को सूचना एवं प्राद्यौगिकी के क्षेत्र में विश्व में मुकाम मिले। इधर, भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश त्रिपाठी ने केंद्रीय बजट को आम लोगों के लिए लाभदायक बताते हुए कहा कि यह बजट किसान केंद्रित और रोजगार रहित है। उन्होंने कहा कि यह बजट महंगाई रोकने में कारगर साबित होने के साथ ही वर्ष 2022 में किसानों की आय दोगुनी करने में समर्थ होगा। भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष केके सिंह ने बजट को विकासोन्मुखी बताते हुए नौजवानों, नौकरी पेशा और बुजुर्गों के स्वास्थ्य का ख्याल रखने वाला बताया है।