सीएमएस और सीएमओ के बुलाने के बाद भी सोमवार को जिला अस्पताल में दोनों एचआईवी पीड़ितों का ऑपरेशन नहीं हो सका। डा. प्रेममोहन गुप्ता ने वायरल लोड जांच रिपोर्ट का अड़ंगा लगा दिया। बोले, इस रिपोर्ट के बिना ऑपरेशन नहीं होगा। पीड़िता को बच्चेदानी के ऑपरेशन के लिए महिला अस्पताल भेज दिया। वहां जाने पर महिला अस्पताल में सीएमएस ने यह कहकर बैरंग लौटा दिया कि यहां पर प्रसव वाले ही ऑपरेशन होते हैं।
जिस तरह से एचआईवी के दो पीड़ितों का ऑपरेशन करने में डॉक्टर और अधिकारी दूर भाग रहे हैं उससे साफ दिखाई देता है कि एचआईवी पीड़ितों के साथ किस हद तक भेदभाव का व्यवहार किया जा रहा है। पिछले दो दिनों से पीड़ितों का ऑपरेशन लटका हुआ है। संस्था के लोग दोनों को लेकर अस्पताल पहुंचे। दिन भर की कवायद के बाद भी ऑपरेशन नहीं हुआ। संस्था के लोग सीएमओ से मिले तो उन्होंने फोन पर सीएमएस आरडी द्विवेदी से ऑपरेशन कराने को कहा। मरीज लेकर सीएमएस के पास गए तो उन्होंने सर्जन प्रेम मोहन गुप्ता के पास भेज दिया। प्रेम मोहन ने सारी रिपोर्ट देखने के बाद वायरल लोड रिपोर्ट न होने के कारण ऑपरेशन करने से मना कर दिया।
महिला पीड़िता की बात आई तो बोले कि बच्चेदानी का ऑपरेशन महिला अस्पताल में होता है। संस्था के लोग महिला अस्पताल गए तो वहां के सीएमएस डॉक्टर एसके त्रिपाठी ने कहा कि यहां सिर्फ प्रसव का ऑपरेशन होता है। संस्था के लोग उन्हें लेकर फिर सीएमओ और सीएमएस के पास गए तो बताया गया वे मीटिंग में हैं मिल नहीं सकते। इसके बाद पीड़ित डीएम आवास पर मिलने गए तो स्टाफ ने बताया कि मीटिंग चल रही है। बाद में आना। इस तरह सोमवार को भी ऑपरेशन टाल दिया गया। इस बारे में बात करने के लिए सीएमओ को फोन लगाया गया, लेकिन रिसीव नहीं हुआ। सीएमएस का फोन डायवर्ट मोड पर था। सर्जन पीएम गुप्ता का फोन ऑफ था।