किसानों को अब डीएपी और यूरिया पर मिलने वाला अनुदान सीधे उनके खाते में भेजा जाएगा। प्राइवेट दुकानों और समितियों पर बिकने वाली खाद का सीधा लाभ किसानों को देने के लिए डीबीटीएल योजना प्रारंभ की जा रही है।
अनुदान की रकम का लाभ बिचौलिए न उठा पाएं, इसीलिए शासन ने अब खाद पर मिलने वाले अनुदान का लाभ नकद देने का फैसला किया है।
बीज वितरण में लागू डीबीटी (डारेक्ट बेनफिट ट्रांसफर) का प्रयोग पूरी तरह सफल होने के बाद अब खाद पर मिलने वाली सब्सिडी का लाभ सीधे उनके खाते में भेजा जाएगा। जिले की साधन सहकारी समितियों, बिक्री केंद्रों और प्राइवेट दुकानों से खाद खरीदने पर किसानों को पूरी धनराशि चुकता करनी होगी। बाद में अनुदान की रकम विभागीय अधिकारी किसानों के खाते में भेजेंगे। जिला कृषि अधिकारी डीपी सिंह ने बताया कि डीबीटी लागू होने से किसानों को खाद खरीदते वक्त पूरा मूल्य चुकता करने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, मगर अनुदान के रूप में मिलने वाली धनराशि किसानों के खाते में भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था के लागू होने से कालाबाजारी की समस्या भी समाप्त हो जाएगी।